Delhi Election में भाजपा की जीत दुनियाभर की मीडिया में बनी सुर्खियां,जानिए किसने क्या कहा
Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की विशाल जीत ने दुनियाभर की मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है, और कई समाचार माध्यमों ने इसे राजधानी में एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में पेश किया है। भाजपा 26 साल के अंतराल के बाद दिल्ली में सरकार बनाने जा रही है, क्योंकि उसने 70 विधानसभा सीटों में से 48 पर जीत हासिल की है। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) ने 22 सीटों पर विजय प्राप्त की है, जबकि कांग्रेस को लगातार तीसरी बार शून्य सीटें मिलीं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस चुनाव परिणाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी के लिए "ऐतिहासिक जीत" के रूप में वर्णित किया, जिसमें यह बताया गया कि भाजपा का अभियान मुख्य रूप से शासन, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित था। रॉयटर्स ने यह भी कहा कि यह जीत भाजपा के शहरी केंद्रों में बढ़ती अपील को दर्शाती है, खासकर उन मध्यवर्गीय वोटरों के बीच, जो कभी AAP के समर्थक थे।

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने दिल्ली में भाजपा की सत्ता में वापसी को "एक बड़ी राजनीतिक वापसी" बताया, जिसमें यह उल्लेख किया गया कि AAP की घटती लोकप्रियता और आंतरिक संघर्षों ने उसकी हार में योगदान दिया। AP ने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस ने अपनी वोट शेयर में मामूली वृद्धि के बावजूद चुनाव में कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाई।
स्पेन के प्रमुख अखबार El País ने इस घटना को "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी दिल्ली में लगभग तीन दशकों बाद सत्ता में लौटी" शीर्षक से कवर किया। इस लेख में भाजपा की चुनावी सफलता और इसके दिल्ली के शासन पर प्रभावों पर चर्चा की गई।
Financial Times ने क्या देखा?
Financial Times ने चुनाव परिणामों को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से देखा, जिसमें यह बताया गया कि यह परिणाम भारत के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं। अखबार ने यह भी कहा कि AAP, जो पहले एक मजबूत क्षेत्रीय ताकत मानी जाती थी, अब अस्तित्व संकट का सामना कर रही है। "दिल्ली AAP का आखिरी मजबूत किला था। इसे भाजपा से हारना पार्टी की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं पर गंभीर सवाल उठाता है," रिपोर्ट में कहा गया।
अल जज़ीरा ने भाजपा के "माइक्रोमैनेजमेंट" का किया जिक्र
अल जज़ीरा ने राजनीतिक विश्लेषक राशीद किदवई से बात की, जिन्होंने कहा कि यह जीत भाजपा की "माइक्रोमैनेजमेंट" की कहानी है और यह बताती है कि भाजपा अब किसी भी चुनाव में हारने वाली नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि "दिल्ली एक मिनी इंडिया है, यहां देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, और भाजपा ने दिखा दिया है कि अगर वे दिल्ली जीत सकते हैं, तो वे कुछ भी जीत सकते हैं।"
बीबीसी ने इसे भाजपा और AAP दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में पेश किया और कहा कि दिल्ली में भाजपा की जीत सिर्फ चुनावी सफलता नहीं है, बल्कि यह 1998 के बाद से दिल्ली में भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।












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