लखीमपुर खीरी हिंसा: रद्द हो सकती है आशीष मिश्रा की जमानत, 4 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
लखीमपुर खीरी हिंसा: रद्द हो सकती है आशीष मिश्रा की जमानत, 4 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली, 30 मार्च: बहुचर्चित लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोप और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द हो सकती है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट बुधवार को कहा कि लखीमपुर खीरी कांड की निगरानी के लिए गठित समिति ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका रद्द करने की सिफारिश की है। फिलहाल कोर्ट ने जमानत निरस्त करने की अर्जी पर सुनावाई को सोमवार चार अप्रैल तक टाल दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की बेल कैंसिल न किए जाने पर यूपी सरकार को खरी-खोटी भी सुनाई। चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने यूपी सरकार के वकील से कहा, 'लखीमपुर केस की जांच कर रहे जज ने बेल को कैंसिल करने की सिफारिश की थी। इसके बाद भी ऐसा क्यों नहीं किया गया।' इस मामले की मॉनिटरिंग करने वाले जज ने भी ऐसी ही बात कही थी। इस पर यूपी सरकार के वकील ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मैंने उस रिपोर्ट को देखा नहीं है।
Recommended Video
आपको बता दें कि आशीष मिश्रा की जमानत को पीड़ितों के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर अदालत ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया था। नोटिस के जवाब में ये कहा गया है कि राज्य ने मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी का प्रभावी ढंग से विरोध नहीं किया। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि आशीष मिश्रा की जमानत का विरोध ना करने की बात पूरी तरह से गलत है। पुलिस के वकील की ओर से आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया गया था।
बता दें कि लखीमपुर खीरी से लौट रहे किसानों पर कार चढ़ाए जाने की घटना में कई लोगों की जान गई थी। 3 अक्टूबर, 2021 की इस घटना में आशीष मिश्रा किसानों को कार से कुचलने के आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से आशीष मिश्रा को जमानत मिली है। आशीष गृह राज्यमंत्री अजय टेनी के बेटे हैं।












Click it and Unblock the Notifications