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चमत्कारिक कॉपर बॉल दिखाकर ठग लिए 70 लाख, फिर हुआ ये खुलासा

By Rahul
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    नई दिल्ली। दिल्ली में रेडियोएक्टिव मटेरियल के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। एक किलो 400 ग्राम की चमत्कारिक कॉपर बॉल में भारी रेडियोएक्टिव पावर बताकर 50 करोड़ रुपये में सौदा पक्का कर दिया। लेकिन जब मामला खुला तो पीड़ित को पता चलाकि उसको तांबे का गोला दिखाकर ठग 70 लाख हड़प ले गए। दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले सोमनाथ पपनीजा से एक सहारनपुर में रहने वाले तौसीफ अहमद ने मई 2016 में संपर्क किया था। उसने सोमनाथ को बताया था कि वह एंटिक आइटम में डील करता है। उसके पास 1.4 किलोग्राम की एक कॉपर बॉल आई उसमें रेडियोऐक्टिव पावर हैं।

    तौसीफ अहमद ने सोमनाथ को बताया कि कॉपर बॉल बहुत चमत्कारिक है

    तौसीफ अहमद ने सोमनाथ को बताया कि कॉपर बॉल बहुत चमत्कारिक है

    टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, तौसीफ अहमद ने सोमनाथ को बताया कि कॉपर बॉल बहुत चमत्कारिक है। डीलिंग के लिए मैसर्स जेजे ग्रुप ऐंटीक इंटरनैशनल प्राइवेट लिमिटेड के केजी मार्ग स्थित ऑफिस में मीटिंग हुई। डील को लेकर कई मीटिंगें हुई। ठगों ने पीड़ित को यह तक बताया था कि उसकी कंपनी डीआरडीओ में रजिस्टर्ड है। इस बात पर सोमनाथ का तौफीक पर और विश्वास बढ़ गया। इसके बाद तय हुआ कि कॉपर बॉल की जांच की जाएगी। इसमें 70 लाख रुपए का खर्च आएगा। बॉल की रेडियोएक्टिव रेंज पर उसकी कीमत तय होगी।

    कॉपर बॉल की रेडियोऐक्टिव पावर 28 इंच निकली

    कॉपर बॉल की रेडियोऐक्टिव पावर 28 इंच निकली

    पीड़ित से कहा कि अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है तो उन्हें तुरंत 50 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। वह राजी भी हो गया। टेस्ट करने के बाद बताया गया कि इस कॉपर बॉल की रेडियोऐक्टिव पावर 28 इंच है। सोमनाथ को बताया गया था कि अगर बॉल चावल के दाने को एक इंच खींचती है तो इसकी कीमत 1800 करोड़ रुपए होगी। जांच के बाद सोमनाथ ने क़ॉपर बॉल दिखाने के लिए कहा तो उन लोगों ने यह कह कर मना कर दिया कि आसपास के इलाके में रेडियोऐक्टिव विकरण फैल जाएगा।

    रेडियोऐक्टिव रेंज की जांच करने वाली फर्म फर्जी थी

    रेडियोऐक्टिव रेंज की जांच करने वाली फर्म फर्जी थी

    कुछ समय बाद पता चला कि रेडियोऐक्टिव रेंज की जांच करने वाली फर्म फर्जी थी। अब उस बॉल की जांच मुंबई की एक कंपनी करेगी। उस कंपनी ने टेस्टिंग के लिए 1.25 करोड़ रुपए मांगे, हालांकि बाद में 80 साल पर डील हुई। लेकिन कुछ समय बात सोमनाथ का किसी से संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने इसकी सूचना क्राइम ब्रांच को दी। पीड़ित का कहना है कि न तो उसे वह ऐंटीक बॉल मिली और न ही उनकी रकम वापस दी गई है।

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    English summary
    7 million swindle a wondrous copper ball in delhi nazafgarh Radioactive material

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