15 अगस्त को शराब दुकानों में क्यों नहीं फहराया जाता झंडा? छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूछा गया रोचक सवाल, जानें जवाब
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी ) के विधायक प्रमोद शर्मा ने कहा कि जब सरकार शराब दुकानों को अपनी सम्पत्ति मानती है, तो 15 अगस्त और 26 जनवरी को वहां झंडा वंदन का कार्यक्रम क्यों नहीं होता है?
रायपुर, 21 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र में विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष को घेर रहा है। गुरुवार को सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही में भी जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक नारायण चंदेल ने बिना अनुमति और अधिक दर पर शराब बेचे जाने का मामला उठाते हुए सरकार के संरक्षण में नकली शराब बेचे जाने की बात कही। विधायक ने आरोप लगाया कि जांजगीर जिले में अवैध मदिरा और मदिरा में पानी मिलाये जाने का प्रकरण सामने आने के बाद भी बिना केस दर्ज किये आरोपियों को छोड़ दिया गया था।

भाजपा विधायक के सवाल पर अपना जवाब पेश करते हुए आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने सदन को बताया कि जांजगीर जिले में शराब में पानी मिलाने सम्बन्धी शिकायत मिली थी,इस मामले में एक व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज करके मामले से जुड़े सब इंस्पेक्टर को हटाया गया था,इसके अलावा आबकारी विभाग के अफसर को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मंत्री लखमा ने बताया कि इसी तरह रायगढ़ जिले में शराब में पानी मिलाने के पांच मामले प्रकाश में आये थे, जिसमे में 2 में केस दर्ज किया गया था। 8 दोषी अफसरों को हटाया भी गया गया। वहीं बिलासपुर जिले से मिली 7 शिकायतो में एक सही पाए जाने के कारण 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी और 1 पर एफआईआर की गई थी। लखमा ने कहा कि कही कोई गड़बड़ी नहीं हैं। जहां कार्रवाई की गई है,वहां जांच की आवश्यकता ही नहीं है।
शराब में पानी मिलाये जाने पर जांच की कोई प्रक्रिया है कि नहीं ?
विधानसभा के पटल पर अपना पक्ष पेश करते हुए मंत्री कवासी लखमा ने आगे कहा कि रायगढ़ में प्लेसमेंट एजेंसी को हटाकर जिला स्तर के अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मंत्री के जवाब पेश करने के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने भी सवाल पूछते हुए कहा कि शराब में पानी मिलाये जाने पर जांच की कोई प्रक्रिया है कि नहीं ? इस सवाल पर मंत्री मोहम्मद अकबर ने सरकार की तरफ से जवाब देते हुए कहा कि मिलावट के परीक्षण के लिए लैब है ,जिसके हाइड्रोमीटर और थर्मामीटर से जांच की जाती है। चर्चा के दौरान भाजपा के सीनियर विधायक शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सभी शराब दुकानों में दो पेटियां रखी जा रही हैं। 1 पेटी में अनुमति प्राप्त शराब का हिसाब रखा जाता है ,जबकि दूसरी में बिना परमिट किस शराब होती है। उन्होंने आगे कहा कि 75 फीसदी शराब बिना परमिट के बिक रही है,जिसकी वजह से एक्साइज़ की चोरी हो रही है।
शराब दुकानों में क्यों नहीं फहराया जाता तिरंगा
गुरुवार को झारखंड में आबकारी नीति के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन को सलाहकार बनाए जाने का मुद्दा भी सदन में उठा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक धर्मजीत सिंह ने सत्ता पक्ष से पूछा कि कैबिनेट में इस मामले पर चर्चा हुई है कि नहीं ? उन्होंने पूछा कि क्या झारखंड सरकार ने लिखित में सलाह मांगी थी? आबकारी मंत्री की तरफ से जवाब देते हुए मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर बात लिखित में हो, कुछ बातें मौखिक में भी होती हैं। झारखंड से आए अफसरों के दल ने लिखित में सलाह की मांग की थी। आगे चलकर कैबिनेट ने इसपर मंजूरी दी थी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी ) के विधायक प्रमोद शर्मा ने कहा कि जब सरकार शराब दुकानों को अपनी सम्पत्ति मानती है, तो 15 अगस्त और 26 जनवरी को वहां झंडा वंदन का कार्यक्रम क्यों नहीं होता है? जिसपर सरकार की तरफ से जवाब आया कि शराब दुकान संचालन के लिए एक निजी कम्पनी से अनुबंध किया गया है,इसलिए इस संबंध को कोई सवाल नहीं उठता।
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