Aditi Mishra Death: 'बेटी को मार डाला', 3 साल की शादी, 40 लाख कैश के बाद दर्दनाक अंत! पति असिस्टेंट इंजीनियर
Aditi Mishra Death Case: झारखंड के पलामू जिले के डालटनगंज में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। 29 अप्रैल 2026 की सुबह 29 वर्षीय अदिति मिश्रा की मौत हो गई। पति अभिषेक दुबे के घर में हुई इस मौत को लेकर उनके पिता राकेश मिश्रा ने साफ आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की योजनाबद्ध हत्या की गई। शादी को महज तीन साल ही हुए थे।
पिता का दावा है कि 40 लाख रुपये नकद, स्कॉर्पियो गाड़ी, फर्नीचर और अन्य सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष की लालच खत्म नहीं हुई। लगातार अतिरिक्त पैसे की मांग और प्रताड़ना के बाद बेटी की जान चली गई। मामले में पति अभिषेक दुबे ( असिस्टेंट इंजीनियर), ससुर दुर्गेश दुबे (पुलिस SI), सास उषा देवी और अन्य पर FIR दर्ज हुई है। लेकिन पुलिस कनेक्शन और प्रभाव के कारण परिवार को न्याय मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। आइए विस्तार से जानते हैं...

Who Was Aditi Mishra: अदिति मिश्रा कौन थीं?
अदिति मिश्रा पलामू के बेलवाटीकर निवासी राकेश मिश्रा की बेटी थीं। उनकी शादी 10 मई 2023 को डालटनगंज के जीएलए कॉलेज क्षेत्र के रहने वाले अभिषेक दुबे से हुई थी। शादी के समय राकेश मिश्रा ने अपनी हैसियत से बहुत कुछ दिया। लगभग 40 लाख रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो गाड़ी, फर्नीचर, एसी, टीवी और अन्य घरेलू सामान।

शादी के बाद अदिति ससुराल में रहने लगीं। उनके एक डेढ़ साल के बेटे का जन्म हुआ। पिता के अनुसार शुरुआती दिनों में सब ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद दहेज की मांग फिर शुरू हो गई। परिवार पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा कि और पैसे लाए जाएं।

Rakesh Mishra की FIR और आवेदन के मुताबिक:
- अभिषेक दुबे लगातार स्कॉर्पियो गाड़ी अपने नाम ट्रांसफर करने और बेचने का दबाव डालता रहा।
- 26 नवंबर 2025 को अभिषेक ने अदिति के ममेरे भाई से ₹70,000 रुपये लिए।
- 25 नवंबर 2025 को वाराणसी में ममेरे भाई की सगाई के दौरान भी विवाद हुआ।
- अंत में अदिति के मामा दिलीप उपाध्याय ने अपनी जमीन बेचकर 21 अप्रैल 2026 को ₹5 लाख रुपये दिए, शर्त यह थी कि अब आगे प्रताड़ना नहीं होगी। लेकिन आरोप है कि प्रताड़ना बंद नहीं हुई।
29 अप्रैल 2026: मौत की सुबह

29 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 7:04 बजे राकेश मिश्रा को फोन आया। अभिषेक के मामा ने बताया कि अदिति की तबीयत खराब है और उसे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) पलामू में भर्ती कराया गया है। जब मायके वाले अस्पताल पहुंचे तो बेटी की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग बताया गया। मौत सुबह करीब 4 बजे हुई मानी गई। पिता का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या थी। अस्पताल में मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि अभिषेक दुबे घटना के बाद घर छोड़कर फरार हो गया था।
अदिति का अंतिम संस्कार शाम को किया गया। उनके डेढ़ साल के बेटे और भाई ने मुखाग्नि दी। पति अभिषेक वहां मौजूद नहीं था। पिता ने कहा कि सनातन परंपरा के अनुसार पति अभिषेक को मुखाग्नि देनी चाहिए थी, लेकिन परिवार ने यहां तक कि यह अधिकार भी छीन लिया।
FIR और आरोपित

राकेश मिश्रा ने टाउन थाना, डालटनगंज में FIR संख्या 0148 (29 अप्रैल 2026) दर्ज कराई। नामजद आरोपी:
- अभिषेक दुबे (पति) -झारखंड सरकार के भवन निर्माण विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर
- दुर्गेश दुबे (ससुर) - लातेहार जिले में SI, झारखंड पुलिस
- उषा देवी (सास)
- अनिमेष दुबे उर्फ निक्कू (देवर) - BRO में जूनियर इंजीनियर (2023 में तैनाती) हाल ही में 21 अप्रैल 2026 को उसकी शादी हुई थी
- चंद्रावती देवी (मामी)
धारा: BNS की 80(2) (दहेज मृत्यु) और अन्य संबंधित धाराएं। जांच सब-इंस्पेक्टर स्वाति गुप्ता को सौंपी गई है।
Aditi Mishra Death Case: पिता राकेश मिश्रा का मुख्य आरोप क्या है?
- बेटी को शादी के बाद से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
- दहेज की लगातार मांग के कारण अदिति पर दबाव बढ़ता गया।
- 5 लाख रुपये देने के बावजूद प्रताड़ना नहीं रुकी।
- मौत के दिन घटना स्थल पर फॉरेंसिक जांच नहीं हुई।
- सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा डिलीट होने का खतरा।
- आरोपी परिवार के कई सदस्य पुलिस विभाग में हैं, जिससे प्रभावित होने का डर।
दुर्गेश दुबे के बड़े भाई अखिलेश दुबे, रिश्तेदार संतन तिवारी (धनबाद पुलिस), मामा शंभू तिवारी (पूर्व पुलिस) आदि का जिक्र करते हुए पिता ने कहा कि केस को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
'न्याय नहीं मिला तो हाईकोर्ट जाएंगे'
अभिषेक दुबे ने 6 मई 2026 को डालटनगंज कोर्ट में सरेंडर किया। वह फिलहाल जेल में है। डालटनगंज थाना एएसआई स्वाति गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। कार्रवाई वैधानिक रूप से आगे बढ रही है। अन्य किसी भी तरह की जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।
हालांकि, मृतका अदिति के पिता राकेश का आरोप है कि बेटी की मौत के 30 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं। लेकिन, अभी तक कोई सटीक कार्रवाई नहीं हुई है। आरोपी पक्ष में अभिषेक से खुद सरेंडर कर दिया, लेकिन अभी तक उसे रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ नहीं की गई। अभिषेक की मामी ने 8 मई को इंटरिम बेल के लिए अर्जी दी है। 8 जून 2026 को सुनवाई होगी। अभिषेक के माता-पिता (दुर्गेश दुबे और उषा देवी) अभी फरार बताए जा रहे हैं। पिता ने एसपी और आईओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और SIT या CBI से जांच की मांग की है। कहा कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो, हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
'मेरी बेटी की हत्या हुई है, मुझे न्याय चाहिए'
अदिति मिश्रा का केस भी Twisha जैसी अन्य संदिग्ध मौतों की याद दिलाता है। तीन साल पहले रचाई गई शादी का इतना दर्दनाक अंत किसी भी मां-बाप के लिए असहनीय है। 1.5 साल के मासूम बच्चे को मां के बिना बड़ा होना पड़ेगा। झारखंड पुलिस और प्रशासन पर अब नजरें टिकी हैं। अगर प्रभावशाली आरोपी होने के बावजूद निष्पक्ष जांच हुई और दोषियों को सजा मिली, तो अन्य पीड़ित परिवारों को उम्मीद बंधेगी। फिलहाल अदिति के परिजन न्याय की आस लगाए बैठे हैं। राकेश मिश्रा का आखिरी संदेश साफ है कि मेरी बेटी की हत्या हुई है। मुझे न्याय चाहिए।
दहेज प्रथा और सरकारी पदों का दुरुपयोग
यह मामला झारखंड में दहेज की समस्या को फिर रेखांकित करता है। NCRB आंकड़ों के अनुसार दहेज संबंधी अपराधों में हर साल सैकड़ों महिलाएं अपनी जान गंवाती हैं। खास बात यह है कि आरोपी पक्ष सरकारी नौकरी में है, पिता पुलिस में SI और बेटा सरकारी इंजीनियर।
परिवार का आरोप है कि इसी ताकत का इस्तेमाल कर सबूत प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। अगर यह साबित होता है तो यह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है।
मदद बस एक कॉल दूर
पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा
iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821
सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे













Click it and Unblock the Notifications