CBSE से सवाल पूछने की सजा? 17 साल के छात्र को बताया डीप स्टेट एजेंट, राहुल गांधी से मुलाकात का वीडियो वायरल
CBSE Copy Controversy: CBSE की कॉपी जांच को लेकर सामने आए एक मामले ने देशभर में बड़ी चर्चा छेड़ दी थी। दिल्ली के 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने दावा किया था कि बोर्ड की ओर से उसे जो फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका दिखाई गई, वह उसकी लिखी हुई नहीं थी। सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हुआ और लाखों लोगों का ध्यान इस ओर गया।
अब इसी मुद्दे को लेकर वेदांत श्रीवास्तव और उनके भाई सिद्धांत श्रीवास्तव की मुलाकात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर मिली आलोचनाओं, आरोपों और विवादों को लेकर खुलकर बातचीत हुई। बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने पूछा- क्या तुम्हें आतंकवादी भी कहा गया?
करीब 90 सेकंड के वीडियो में राहुल गांधी वेदांत, उनके भाई और अन्य छात्रों से बातचीत करते नजर आते हैं। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने हंसते हुए पूछा कि क्या उन्हें भी सोशल मीडिया पर "आतंकवादी" कहा गया था।
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इस पर वेदांत के बड़े भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि हां, उन्हें इस तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि जब CBSE की गलती को लेकर मामला चर्चा में आया तो कुछ लोगों ने उन्हें "डीप स्टेट एजेंट" तक बता दिया और कहा कि वे भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने इस पर मजाकिया अंदाज में कहा कि 17 साल के बच्चे भी अब "डीप स्टेट एजेंट" और "आतंकवादी" बताए जा रहे हैं।
'सोरोस एजेंट' कहे जाने पर भी हुई चर्चा
वीडियो में राहुल गांधी और छात्र इस बात पर भी हंसते नजर आए कि उन्हें सोशल मीडिया पर "सोरोस एजेंट" कहा गया। यह आरोप अक्सर अमेरिकी कारोबारी और समाजसेवी जॉर्ज सोरोस के नाम से जोड़ा जाता है। कुछ दक्षिणपंथी समूह उन पर विभिन्न राजनीतिक एजेंडों को समर्थन देने के आरोप लगाते रहे हैं।
राहुल गांधी ने X पर क्या लिखा?
इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट भी साझा की। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि यह उनके साथी "एंटी नेशनल सोरोस एजेंट्स" के साथ बातचीत थी।
उन्होंने कहा कि वेदांत और उनके साथी ऐसे युवा हैं जिन्होंने CBSE और सरकार से कुछ सीधे सवाल पूछे, लेकिन जवाब की जगह उन्हें अपमान और आरोपों का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि इन छात्रों का भविष्य सुरक्षित और बेहतर होना चाहिए।
A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions - but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they… pic.twitter.com/5InBxgJv1B
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 31, 2026
क्या था वेदांत श्रीवास्तव का मामला?
दिल्ली निवासी वेदांत श्रीवास्तव का मामला तब चर्चा में आया जब उन्होंने X पर दावा किया कि CBSE द्वारा उपलब्ध कराई गई उनकी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका की लिखावट उनकी अपनी लिखावट से मेल नहीं खाती।
वेदांत ने कहा था कि फिजिक्स की कॉपी न केवल उनकी लिखावट से अलग थी, बल्कि उनकी अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस की उत्तर पुस्तिकाओं से भी पूरी तरह अलग दिखाई दे रही थी। उन्होंने अपने हस्तलिखित नोट्स से भी इसकी तुलना की थी। उनकी पोस्ट कुछ ही समय में वायरल हो गई और 25 लाख से अधिक बार देखी गई।
CBSE ने कैसे दिया जवाब?
मामले के तूल पकड़ने के बाद CBSE ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। बोर्ड ने बताया कि शिकायत की जांच की गई है और सही उत्तर पुस्तिका वेदांत के पंजीकृत ईमेल पते पर भेज दी गई है। बोर्ड ने यह भी कहा कि आवश्यकता के अनुसार उनके परिणाम में संशोधन किया जाएगा। बाद में परिणाम अपडेट भी किया गया।
सोशल मीडिया पर हुए निजी हमले
विवाद बढ़ने के साथ ही वेदांत को सोशल मीडिया पर निजी हमलों का भी सामना करना पड़ा। कई लोगों ने सवाल उठाए कि उनका नया X अकाउंट वास्तव में किसी छात्र का है भी या नहीं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पूरे मामले को सरकार को बदनाम करने की साजिश बताया। एक टीवी एंकर की पोस्ट, जिसमें वेदांत को "पाकिस्तानी" कहा गया था, भी काफी वायरल हुई। बाद में उस एंकर ने माफी मांग ली।
भाई ने बताया क्यों बनाया गया नया अकाउंट
वेदांत के भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने बताया कि यह नया X अकाउंट केवल शिकायत दर्ज कराने और मामले को सामने लाने के लिए बनाया गया था। उनका कहना था कि समस्या की रिपोर्ट करने का कोई स्पष्ट तरीका उन्हें नजर नहीं आ रहा था, इसलिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। राहुल गांधी उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से वेदांत का समर्थन किया और उनके मुद्दे को आगे बढ़ाया।
दूसरे छात्र की ब्लॉग रिपोर्ट ने बढ़ाया विवाद
इस पूरे विवाद के दौरान झारखंड के 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत भी चर्चा में आ गए। उन्होंने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और उससे जुड़े टेंडर की प्रक्रिया पर एक विस्तृत ब्लॉग प्रकाशित किया।
इस ब्लॉग को राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने साझा किया और स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। हालांकि OSM प्रणाली से जुड़ी कंपनी कोएम्प्ट एडुटेक और CBSE ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
OSM सिस्टम पर पहले भी उठे थे सवाल
इस साल CBSE ने पहली बार बड़े स्तर पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल किया था। परिणाम घोषित होने के बाद कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी और रिकॉर्ड मिलान से जुड़ी शिकायतें की थीं।
पास प्रतिशत में आई गिरावट के बाद भी इस प्रणाली को लेकर सवाल उठे थे। कई छात्रों ने कॉपी जांच और डेटा प्रबंधन में संभावित त्रुटियों की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिक्षा मंत्री ने ली जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विवाद पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
NEET और CUET विवादों के बीच बढ़ी चिंता
CBSE का यह विवाद ऐसे समय सामने आया जब देश की परीक्षा प्रणाली पहले से ही सवालों के घेरे में थी। इससे कुछ सप्ताह पहले NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले के कारण रद्द करनी पड़ी थी। वहीं शनिवार को CUET-UG 2026 परीक्षा के दौरान तकनीकी दिक्कतों की खबरें भी सामने आईं, जिसके बाद NTA को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
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