अभिषेक बनर्जी पर हमले के पीछे कौन? गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व TMC विधायक से निकला कनेक्शन!
Abhishek Banerjee Attack: सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की जांच ने अब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में पुलिस ने अब तक कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल तपन मैती, निर्मल्या सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास और देबाशीष दत्ता का संबंध एक महीने पहले तक सोनारपुर की पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा से रहा है। इस जानकारी के सामने आने के बाद मामले ने नया राजनीतिक रंग ले लिया है।
वीडियो में दिखे आरोपी, पुलिस कर रही गहन पूछताछ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तपन मैती और आकाश गायन को हमले से जुड़े वीडियो फुटेज में देखा गया था। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमला पूर्व नियोजित था या फिर अचानक हुई घटना का परिणाम।

आकाश की मां का दावा- बेटे को अभिषेक से कोई शिकायत नहीं थी
गिरफ्तार आरोपी आकाश गायन की मां ने दावा किया है कि उनका बेटा टीएमसी का सक्रिय कार्यकर्ता था और चुनावों के दौरान पार्टी बूथों पर नियमित रूप से काम करता था। उन्होंने कहा कि आकाश को अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई नाराजगी नहीं थी। परिवार के अनुसार, घटना के बाद वह सामान्य रूप से घर लौटा और शाम को फुटबॉल खेलने चला गया था, लेकिन उसी रात पुलिस उसे पूछताछ के लिए ले गई।
'जॉय को झूठा फंसाया गया', परिवार ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
मामले में गिरफ्तार स्थानीय टीएमसी नेता जॉय सेनगुप्ता के परिवार ने भी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का कहना है कि सेनगुप्ता को झूठा फंसाया गया है और उनका हमले से कोई संबंध नहीं है। परिवार ने यह भी दावा किया कि उन्होंने क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अभिषेक बनर्जी को दौरा न करने की सलाह दी थी।
परिवार का दावा- चेतावनी के बावजूद जारी रखा दौरा
सेनगुप्ता के परिजनों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी ने संभावित तनाव की जानकारी मिलने के बावजूद अपना कार्यक्रम जारी रखा। परिवार का कहना है कि यही कारण था कि सेनगुप्ता ने उन्हें सावधान रहने की सलाह दी थी, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि उनका हमले से कोई लेना-देना था।
पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे अभिषेक, तभी हुआ हमला
यह घटना दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में उस समय हुई जब अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात करने पहुंचे थे। इसी दौरान एक समूह ने उनका रास्ता रोक लिया और कथित तौर पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और मामला राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया।
टीएमसी ने भाजपा पर लगाया आरोप, भाजपा ने किया खंडन
हमले के बाद टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद से दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
क्या टीएमसी के भीतर बढ़ रही है गुटबाजी?
जांच में आरोपियों के पूर्व टीएमसी विधायक से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद राजनीतिक विश्लेषक अब इस घटना को पार्टी के भीतर संभावित गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देख रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्थानीय स्तर पर चल रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब खुलकर सामने आने लगी है।













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