Chhattisgarh: नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मनाया गया CRPF दिवस, अमित शाह ने की सीआरपीएफ के योगदान की प्रशंसा

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में सीआरपीएफ के 84वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही सीआरपीएफ के कार्यों की प्रसंशा की।

amit shah

Chhattisgarh News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज 84वें सीआरपीएफ दिवस में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे। इस मौके पर शाह ने जगदलपुर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ के योगदान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी निभाने के लिए उनकी सराहना की।

पहली बार नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मनाया गया सीआरपीएफ दिवस
अमित शाह ने यहां अपने संबोधन के दौरान कहा कि, 'पहली बार सीआरपीएफ दिवस एक नक्सली क्षेत्र में मनाया जा रहा है। सीआरपीएफ ने देश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान दिया है। देश महिला सीआरपीएफ कर्मियों को सलाम करता है। सीआरपीएफ की योगदान महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा कि, 'लोकतंत्र तभी जीवित रह सकता है जब इसकी सुरक्षा समर्पित तरीके से की जाए। देश के चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम देने में बाकी सारे CAPF को साथ में रखते हुए CRPF का योगदान महत्वपूर्ण है।'

सीआरपीएफ ने माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी- शाह
उन्होंने कहा कि, 'पिछले कई चुनावों से CRPF के जवानों ने हमारे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सुरक्षित रूप से निर्वहन करने की जिम्मेदारी निभाई है।' उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और देश के कई इलाकों में उन्हें ढेर किया है। उन्होंने आगे कहा, 'पिछले कई चुनावों में सीआरपीएफ कर्मियों ने हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी निभाई है।

इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना
दरअसल, छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में बीजेपी ने बिना किसी देरी के राज्य में आगामी चुनावों के प्रचार के लिए अपनी रफ्तार तेज कर दी है। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान में शामिल सुरक्षा बलों को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली, सुकमा क्षेत्र में दो महिलाओं सहित 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।

बड़ी बात यह है कि यह आत्मसमर्पण शाह के राज्य के माओवाद प्रभावित बस्तर क्षेत्र के दौरे से एक दिन पहले हुआ है। आत्मसमर्पण करने वाले कई सशस्त्र माओवादियों के सिर पर 5-8 लाख रुपये का इनाम था और दो की पहचान चिंता गुफा और पोलमपल्ली तोंगपाल के रूप में की गई थी। विभिन्न बड़ी घटनाओं में शामिल सभी माओवादियों ने सुकमा जिला पुलिस, सीआरपीएफ की 74वीं कोर, 131वीं कोर और इलाके में तैनात 226वीं कोर के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। एडिशनल एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट डीएन यादव ने आत्मसमर्पण की पुष्टि की है।

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