"नारी शक्ति वंदन विधेयक" पर बोले T.S. सिंहदेव, यह बिल पूरी तरह खोखला है
CHHATTISGARH SINGHDEO: लोकसभा से महिला आरक्षण बिल पारित होने पर भाजपा इसका श्रेय हुए बड़ी उपलब्धि बता रही है, तो वहीं कांग्रेस पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को रिजर्वेशन नहीं दिए जाने पर सवाल उठा रही है। छत्तीसगढ़ में महिला आरक्षण के मुद्दे पर वरिष्ठ वरिष्ठ कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा जनगणना और परिसीमन के बिना आरक्षण कानून की तरफ बढ़ने पर कहा कि विधेयक 2029 के बाद लागू किया जाना है, इसलिए यह विधेयक खोखला है।

उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि कानून बनाने की यह कवायद खोखली है, क्योंकि जनगणना और परिसीमन के बाद लागू किए जाने वाले कानून का विधेयक 6 साल पूर्व पारित कराया जाना समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं पर ध्यान देती आई है। छत्तीसगढ़ में आयोजित हुआ महिला समृद्धि सम्मेलन इसी कड़ी में एक और प्रयास था।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार का बिल ठग बुद्धि नहीं है? लोक सभा और विधानसभाओं की सीटें 2025 तक तय हैं। अगर आने समय में सीटें बढ़ने की संभावना है, तो भी दो साल पूर्व संसद से कानून का बिल पारित करने में इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है? सिंहदेव ने कहा कि "नारी शक्ति वंदन विधेयक" में खोखलापन है, अभी जनगणना, परिसीमन नहीं हुआ है। संसद और विधानसभा सीटों की संख्या के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है,ऐसे में बिल पूरी तरह खोखला है।
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