नक्सल हिंसा के शिकार बने आदिवासियों की होगी छत्तीसगढ़ वापसी
Tribals who became victims of Naxal violence will return to Chhattisgarh
रायपुर, 04 अप्रैल। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने नक्सल हिंसा के कारण बेघर हुए आदिवासियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नेघोषणा की है कि जिन आदिवासियों को नक्सल हिंसा की वजह से अपने गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था,अगर वह वापस लौटना चाहते हैं, तो राज्य सरकार उनके रहने और सुरक्षा का इंतजाम करेगी।

गौरतलब है कि बीते दिनों यह इस खबर ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं कि नक्सल हिंसा के प्रभावित छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण पडोसी राज्य आंध्र और तेलंगाना में जाकर बस गए थे। सोमवार को आदिवासी ग्रामीणों के एक प्रतिनिधी मंडल ने पूर्व पत्रकार और समाजसेवी शुभ्रांशु चौधरी की अगुवाई में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की । आदिवासियों से मुलाकात के संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सलवा जुडूम अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर को छोड़कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश चले जाने वाले नागरिक यदि छत्तीसगढ़ में वापसी करना चाहते हैं, तो सरकार उनके पुनर्वास के लिए एक कार्ययोजना तैयार करके उन्हें वापस उनके गांव में बसाएंगी।
मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात के बाद आदिवासियों के हितों के लिए काम कर रहे समाजसेवी शुभ्रांशु चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आदिवासियों की मांगों को पर सकारात्मक रुख दिखाया है। वह भी बस्तर जिला प्रशासन के अधिकारियों से इस संबंध में बातें करेंगे ,क्योंकि कुछ ग्रामीणों को नक्सलियों से दुश्मनी के चलते अपने पुराने गांव में वापस जाने से डर लग रहा है।
सीएम भूपेश के आदेश पर पुनर्वास के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर बस्तर क्षेत्र के प्रवासी व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए विभिन्न राज्यों से समन्वय के लिए आयुक्त बस्तर संभाग, जगदलपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि नोडल अधिकारी बस्तर संभाग के सीमावर्ती प्रदेश तेलंगाना और अन्य प्रान्तों में प्रवासित नागरिकों को अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 और अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) संशोधन नियम 2012 के प्रावधान के मुताबिक अनुसूचित जनजाति समुदाय के पुनर्वास की कार्यवाही हेतु समन्वय स्थापित करेंगे। पुनर्वास की कार्यवाही के लिए आयुक्त, बस्तर संभाग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श कर समन्वय स्थापित करने हेतु निर्देशित किया गया है,साथ ही प्रवासियों से सुलभ सम्पर्क के लिए अलग मोबाइल नम्बर जारी करने कहा गया है।
यह भी पढ़ें क्या भूपेश सरकार से नाराज हैं आदिवासी? जन आंदोलनों से सुलग रहा है छत्तीसगढ़ का बस्तर !
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सलवा जुडूम के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा से विस्थापित कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश गए छत्तीसगढ़ के लोग यदि वापस आना चाहते हैं, तो छत्तीसगढ़ सरकार उनका दिल से स्वागत करने को तैयार है। कार्ययोजना बनाकर उनके पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications