छत्तीसगढ़ में टाइगर की हत्या, वन विभाग में मचा हड़कंप !
कोरिया, 06 जून। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के ग्राम सलगंवा खुर्द में बाघ का शव मिलने की सूचना है,यह गांव गुरुघासीदास टाईगर रिजर्व के दायरे में आता है। बहरहाल इस मामले मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार गुरूघासीदास टाईगर रिजर्व इलाके में मौजूद बाघ को जहर देकर मारा गया है। इस प्रकरण में दो ग्रामीणाें को हिरासत में लेकर उन पूछताछ की जा रही है।

वन विभाग के अफसरों ने बाघे के मारे जाने की पुष्टि कर दी है। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि बाघ को भैंस को अपना शिकार बना लिया था,जिससे आक्रोशित ग्रामीण ने भैस के शव पर ज़हर छिड़क दिया,जब बाघ थोड़ी देर में अपने शिकार को खाने पहुंचा ,तब भैस के शव में लगे ज़हर की वजह से उसकी जान चली गई। बहरहाल इस मामले के सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। गौरतलब है कि हाल में सामने आये आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कुल 22 टाइगर पाए गए थे।
बाघों की गिनती के मामले में हालत चिंताजनक
जंगलों के मामले में छत्तीसगढ़ देश में चौथे स्थान पर है, लेकिन बाघों की गिनती के मामले में हालत चिंताजनक बने हुए हैं । छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में जैव विविधता के संरक्षण के लिए जल, जंगल, जमीन को लेकर आंदोलन जारी हैं, लेकिन स्थिति निराशाजनक है।
भारत के कई राज्यों में बाघों की संख्या में इजाफा हो रहा है, तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में कम हो रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद बाघों को प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व और अभयारण्य में रहने का अनुकूल माहौल नहीं मिल पा रहा है। बाकि के जीव-जंतुओं को लेकर भी यही हालात हैं। जंगलों में राजकीय पशु वन भैंसा भी दिखाई नहीं दे रहे हैं,वहीं राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना भी नहीं दिखाई दे रही है। इधर जंगलो में कटाई के चलते इंसानी बस्तियों में जंगली हाथियों का भी दहशत भी बढ़ती जा रही है।
यह भी पढ़ें कश्मीर में हिंदुओं की मौत का मामला, छत्तीसगढ़ में चढ़ा सियासी पारा !










Click it and Unblock the Notifications