छत्तीसगढ़ मे बेरोजगारी के मुद्दे पर मचा हुआ है सियासी घमासान
रायपुर,13 जनवरी। छत्तीसगढ़ मे बेरोजगारी के मुद्दे पर पक्ष विपक्ष के बीच लगातार वार पलटवार जारी है। गुरुवार को ही भूपेश सरकार के प्रवक्ता और कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने आंकड़े गिनाते हुए कहा था कि जब छत्तीसगढ़ में रमन सरकार थी, तब अधिक बेरोजगारी थी,जबकि भूपेश सरकार के सत्ता पर काबिज होने के बाद यह दर घटी है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने चौबे को जवाब देते हुए कहा है कि बेरोजगारी दर को लेकर चौबे को सीएमआई की रिपोर्ट का अध्ययन करना चाहिए।

रमन ने गिनाये आंकड़े
डाॅ. रमन सिंह ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ मे भाजपा सरकार के कार्यकाल और कांग्रेस सरकार के आंकड़े देख लिए जाए , तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है। डॉ. रमन सिंह ने भाजपा के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जनवरी 2016 मे बेरोजगारी दर 3.47 फीसदी, 2017 मे 4.1 और जनवरी 2018 मे 2.6 फीसदी थी, जबकि यही दर छत्तीसगढ़ मे कांग्रेस सरकार आने के बाद जनवरी 2019 में 7.9 फीसदी, जनवरी 2020 मे 3.7 और जनवरी 2021 में 6.4 फीसदी थी।

तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर यह दावे झूठें हैं:डॉ रमन सिंह
पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने रविन्द्र चौबे पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान की बेरोजगारी गिनाने वाले रविंद्र चौबे की बुद्धि पर तरस आता है । डॉ रमन सिंह ने कहा कि मुझे कम से कम चौबे जी जैसे वरिष्ठ नेता से यह अपेक्षा नहीं थी। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने आगे कहा कि आंकड़ों के आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों को ठगा जा रहा है। पांच लाख नौकरी की लिस्ट देखकर कहता हूं कि तुम्हारी फाइलों मे गांव का मौसम गुलाबी है, मगर यह दावे झूठें हैं, यह दावा किताबी है।

क्या कहा था रविन्द्र चौबे ने?
छत्तीसगढ़ सरकार के प्रवक्ता रविन्द्र चौबे ने गुरुवार को कहा था कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनामी के ताजा आंकड़े के अनुसार छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर 2.1 प्रतिशत है। जबकि इसी दौरान भारत में बेरोजगारों की दर 7.9 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ मे जब भाजपा सरकार का आखरी साल चल रहा था, तब बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी। चौबे ने कहा था कि भूपेश सरकार आने के बाद बेरोजगारी दर कम होते-होते अब 1.8 प्रतिशत से लेकर 3.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

इंटरनेट पर भी जंग जारी!
छत्तीसगढ़ मे बेरोजगारी दर के मुद्दे पर पक्ष विपक्ष की लड़ाई अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी दिखने लगी है । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सवालों के जवाब में कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जरूर की ,लेकिन ट्वीटर और फेसबुक पर भी कांग्रेस और बीजेपी भिड़ती नजर आई ।
भाजपा ने जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठा बताते हुए ,उनके खिलाफ "लबरा है भूपेश" हैश टैग के साथ कैंपेन चलाया ,तो वहीं कांग्रेस ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह को आड़े हाथों लेते हुए "बेरोजगार रमन" हैश टैग का उपयोग करके कैंपेन चलाया। दरअसल यह जंग तब शुरू हुई जब मुख्यमंत्री बघेल अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी मे यह दावा किया कि बीते तीन सालो मे छत्तीसगढ़ के 4 लाख 65 हजार से अधिक लोगों को सरकारी और अर्द्धसरकारी कार्यालयों में कार्य करने का अवसर मिला है,इसके अलावा 30 हजार नौकरियां नए उद्योगों मे मिली हैं।
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