गणतंत्र दिवस पर दिखाई जाएगी छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना की झांकी
रायपुर, 24 जनवरी। गणतंत्र दिवस नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में देश के विभिन्न राज्यों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। खास बात यह है कि इस बार जनता खुद अपनी मन पसंद की झांकी का चयन कर सकती हैं। लोगों को पहली बार अपनी पसंद की झांकी को चुनने के लिए ऑनलाईन वोट की सुविधा मिली है। इस बीच छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की आकर्षक झांकी भी राजपथ पर अपनी छटा बिखरेगी।

इस साल केवल 12 राज्यों की झांकी
गौरतलब है कि इस साल देश के केवल 12 राज्यों की झांकियां ही प्रदर्शन के लिए चयनित हुई हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य भी शामिल है। कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य की इस साल की झांकी गोधन न्याय योजना को प्रदर्शित करने वाली है। छत्तीसगढ़ की झांकी को रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति द्वारा निर्धारित कठिन चयन प्रक्रिया के विभिन्न दौर से गुजरने के बाद यह मौका मिला है।

दिखेगा शहर और ग्रामीण तकनीक का मिलन
छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क के आयुक्त दीपांशु काबरा ने बताया, विशेषज्ञ समिति ने आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर इंडिया-75 न्यू आईडिया की थीम घोषित की है। गोधन न्याय योजना को न्यू आइडिया के तौर पर चयनित किया गया है। गोधन न्याय योजना पर बनी छत्तीसगढ़ की झांकी की विशेषता है कि वह गांवों में उपलब्ध संसाधनों और तरीकों को तकनीक के साथ प्रस्तुत करती है। छत्तीसगढ़ की झांकी यह बताती है कि शहरी और ग्रामीण की तकनीक को मिला लिया जाए, तो विश्व की कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।

छत्तीसगढ़ की झांकी है ख़ास
छत्तीसगढ़ की झांकी के अगले भाग में गाय के गोबर को इकट्ठा करके उसे बेचने के लिए गोठानों की ओर ले जाती महिलाओं को दर्शाया जाएगा। यह महिलाएं पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में होंगी। झांकी में एक महिला को गोबर से उत्पाद तैयार करके बेचने के लिए बाजार ले जाते दिखाया जाएगा। महिलाओं के चारों ओर गोठानों में साग-सब्जियों और फूलों की खेती दिखाई जाएगी। नीचे की तरफ गोबर से बने दीयों की सजावट की जाएगी। झांकी के पिछले हिस्से में गौठानों को रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में विकसित होते दर्शाया गया है।

झांकी को वोट करने की जा रही अपील
इस झांकी बीच वाले भाग में गाय को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बताते हए पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, पोषण, रोजगार और आय में बढ़ोतरी की छटा दिखाई जाएगी। सबसे आखिर में चित्रकारी करती हुई ग्रामीण महिला को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक शिल्प और कलाओं के विकास की प्रतीक के रूप में दिखाया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ में विकसित हो रही जल प्रबंधन प्रणालियों, बढ़ती उत्पादकता और खुशहाल किसान को चित्र शैली में दिखाया जाएगा। इसी प्रकार गोबर से बनी वस्तुओं और गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार करती स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी को झांकी में दिखाया जाएगा। छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की झांकी के लिए लोगों से वोटिंग की अपील की गई है।
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