छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा भूमाफियों का मामला, मंत्री अग्रवाल ने कहा, यहां यूपी की तरह नहीं चलेगा बुलडोजर
सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जों पर मामला उठा ।बीजेपी विधायकों ने कहा, शासकीय अफसरों की मिलीभगत से भू-माफिया जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।
रायपुर, 25 जुलाई। सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जों पर मामला उठा । बीजेपी विधायकों ने कहा, शासकीय अफसरों की मिलीभगत से भू-माफिया जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। विपक्ष ने सदन में शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण को बिना नोटिस दिए हटाने की मांग की। सवाल का उत्तर देते हुए राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा, यहां उत्तर प्रदेश की तरह बुल्डोजर अभियान नहीं चलेगा। पूरे सिस्टम के साथ अवैध कब्जे को हटाया जाएगा। मंत्री अग्रवाल ने सदन में कोरबा जिले के बरबसपुर में एक अतिक्रमण के प्रकरण में आर आई और पटवारी को निलंबित करने की घोषणा भी की।

दरअसल सोमवार को विधानसभा में ध्यानकर्षण के जरिये भू-माफिया का मामला जोरशोर से उठा। बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, कब्जा की गई शासकीय जमीन पर गाइडलाइन दर से 152% राशि जमा करने पर जमींन का मालिकाना हक़ का अधिकार मिल रहा है। इसके कारण से छत्तीसगढ़ में खाली पड़ी शासकीय जमीनों पर कब्जे की परंपरा चल रही है। भविष्य में किसी सरकारी योजना के लिए खाली जमीन ही नहीं दी जाएगी । छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भूमि माफिया जमीन हथिया रहे हैं। इसमें राजस्व विभाग के अफसरों की मिलीभगत है।
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सवाल के उत्तर में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा, क्योंकि 2017 से पहले के बिना रोके हुए कब्जे को ही विनियमित किया जा रहा है, ऐसे में भूमि पर कब्जा करने की परंपरा पड़ने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता। जहां भी अवैध कब्जे की जानकारी मिल रही है, उसपर सरकार कार्रवाई कर रही है। राजस्व मंत्री ने कहा, राज्य भर से सरकारी भूमि पर कब्जे की 18 हजार 30 शिकायतें आई हैं। इसमें से 7 हजार 199 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। बाकी मामलों में कार्रवाई जारी है।
राजस्व मंत्री अग्रवाल ने सदन को बताया, रायपुर जिले में सरकारी भूमि पर गैरकानूनी कब्जे की 870 शिकायतें मिली है। उनमें से 299 का निपटान हो चुका है। बाकी न्यायिक प्रक्रिया में हैं। डुंडा, बोरियाखुर्द, पिरदा, बनरसी ग्राम में अतिक्रमण के प्रकरण आए हैं। वहीं रायपुर नगर निगम के मठपुरैना, भाठागांव, बोरियाखुर्द, बोरियाकलां, डूंडा, मुजगहन, काठाडीह और सेजबहार में गैरकानूनी अतिक्रमण के मामले सामने आए हैं।
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