' सनातन बोर्ड की आवश्यकता नहीं', छत्तीसगढ़ में बोले शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती
Shankaracharya Swami Nischalanand Saraswati: पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाए जाने की बात कही है।सनातन धर्म में शंकराचार्य की व्यवस्था पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि सनातन बोर्ड की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह व्यवस्था ईस्वी से चली आ रही है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा, जिसमें सभी वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।
शंकराचार्य के अनुसार मंत्रिमंडल में चार ब्राह्मण, आठ क्षत्रिय, 21 कृषि गोरक्ष और वाणिज्य से जुड़े अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ वैश्य शामिल होंगे। इसके अलावा, तीन शूद्र होंगे, जिन पर कुटीर उद्योगों के संचालन की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, एक सूत सांस्कृतिक मंत्री के रूप में कार्य करेगा।

शंकराचार्य ने कहा कि यह व्यवस्था शास्त्रों में वर्णित है और भारत को एक राजतंत्र के रूप में संचालित किया जाएगा। उन्होंने राजनेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि आजकल राजनीति का स्तर गिर गया है और देशी-विदेशी कंपनियों को ठेके दिए जा रहे हैं। हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी में स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा, "मां भगवती ने बुलवाया है, तो हिन्दू राष्ट्र बनेगा ही।"
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ज्ञात हो कि स्वामी निश्चलानंद सरस्वती इन दिनों 12 से 15 फरवरी तक कवर्धा के प्रवास पर हैं। 12 फरवरी को महाकुंभ के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह महाकुंभ 144 वर्षों बाद आया था, और वह 12 फरवरी को समाप्त हो चुका है।
कवर्धा में शंकराचार्य का फूल बरसाकर स्वागत किया गया। 14 फरवरी को शंकराचार्य ने हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी पर धर्म, अध्यात्म और राष्ट्र के संबंध में श्रद्धालुओं के सवालों का जवाब दिया। वे सरदार पटेल मैदान में धर्म सभा को भी संबोधित करेंगे।
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