पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के नामांकन में क्यों उमड़ी साधुओं की भीड़? कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग, जानिए मामला
Raipur City South Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के दूसरे चरण के लिए नामांकन फार्म जमा करने का आखिरी दिन कल यानि 30 अक्टूबर को था। भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण विधानसभा से 35 सालों से दक्षिण के विधायक हैं। उनके नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में साधु,संतों का जुटना चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके साथ ही कांग्रेस की आपत्ति के बाद यह मामला निर्वाचन आयोग के समक्ष भी पहुंच गया है। आइये पुरे विषय को जानते हैं।

छत्तीसगढ़ की चर्चित सीट रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के महंत रामसुंदर दास और भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के बीच मुकाबला है। माना जा रहा है कि हिंदुत्ववादी नेता की छवि रखने वाले विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सामने कांग्रेस ने एक भगवाधारी संत को पूरी रणनीति के तहत मैदान में उतारा है।
संत समाज का आशीर्वाद किसके साथ है?
सोमवार को भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने साधु-संतों के मंत्रोचार और शंखनाद के साथ आशीर्वाद लेकर नामांकन पत्र जमा किया, तो इस सियासी घटनाक्रम की बड़ी चर्चा हुई। माना गया कि साधु संतों का सम्मान करने वाले बृजमोहन अग्रवाल धर्मसंकट में थे कि वह महंत रामसुंदर दास का आशीर्वाद ले कि उनके खिलाफ अपनी दावेदारी को जनता के बीच ले जाए, शायद इसलिए उन्होंने बीच का रास्ता निकाला है। दरअसल बृजमोहन ने अपने नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में साधु संतों करके यह जताने की कोशिश की है कि संत समाज का आशीर्वाद उनके साथ है।
इसलिए बृजमोहन ने खेला दांव
रायपुर शहर की विधानसभा सीट दक्षिण से भारतीय जनता पार्टी के नेता बृजमोहन अग्रवाल हमेशा ही चुनाव जीतते आये हैं। कांग्रेस की ओर से महंत रामसुंदर दास को यहां से प्रत्याशी बनाने से मुकाबला दिलचस्प बन चूका है। महंत रामसुंदर दास भले ही कांग्रेस पार्टी से जुड़े हों,किंतु संत समाज में उनका बड़ा सम्मान हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस समेत सभी दलों के लोग रामसुंदर दास का आदर करते हैं। इस प्रकार राजनीति के मैदान में उनका उतरना बृजमोहन अग्रवाल के लिए भी चिंता का कारण बन चुका है।
कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग, बताया आचार संहिता का उल्लंघन
इधर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल के द्वारा देश के अलग-अलग राज्यों से 100 से अधिक संतो को बुलाने के खिलाफ मुख्य निर्वाचन आयुक्त में शिकायत कर दी है। कांग्रेस का कहना है कि बृजमोहन अग्रवाल ने अपने व्यक्तिगत चुनावी प्रचार के लिये और छत्तीसगढ़ में धर्म के आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण के लिये 100 से अधिक साधु और संतो को बुलाया जो आदर्श आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है।
कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला के मुताबिक भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल द्वारा 100 से अधिक साधु-संतों और पुजारियों के विभिन्न राज्यों से आने जाने की व्यवस्था उनके रहने और ठहरने के पूरे इंतजाम, उनके भोजन की पूरी व्यवस्था एवं संतों के धार्मिक जुलूस के लिये सैकड़ों गाड़ियों, साउंड सिस्टम, बड़े-बड़े स्पीकर, बैनर-पोस्टर और प्रचार की अन्य व्यवस्थाओं में लगभग 15 लाख रू. का खर्च किया गया है। जिसे प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल के चुनावी खर्च में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही = कांग्रेस ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी है।












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