मोदी के मंत्री नितिन गड़करी से मिली तारीफ, CM भूपेश बोले- यह “कर्मयोगी” ही समझ सकता है
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में गोबर से बने प्राकृतिक पेंट के इस्तेमाल करने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसके लिए सीएम भूपेश बघेल को बधाई भी दी है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच से शुरु हुई गोधन न्याय योजना का पूरा देश मुरीद हो चुका है।सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी शासकीय विभागो के लिए निर्देश जारी किया है कि अब शासकीय कार्यालयों, निगम मंडल और अन्य जितने भी सरकारी दफ्तर हैं, उनमें रंग रोगन में गोबर से बने प्राकृतिक पेंट का इस्तेमाल होगा। इस फैसले का केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने स्वागत किया है।

गडकरी ने ट्वीट कर लिखा है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागीय निर्माण में गोबर से बने प्राकृतिक पेंट के इस्तेमाल का निर्देश छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया है, उनके इस फैसले का अभिनंदन करता हूं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ये फैसला सराहनीय और स्वागत योग्य है।
मुख्यमंत्री बघेल ने भी ट्वीट करते हुए केंद्रीय मंत्री गड़करी को धन्यवाद देते हुए कहा है कि नेक इरादों से ही देश और प्रदेश दूसरों के लिए प्रेरणा बनते है। बघेल ने कहा है कि गोधन और श्रम का सम्मान कर छत्तीसगढ़ गांधी जी के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। बघेल ने गड़करी के ट्विट जवाब देते हुए लिखा कि धन्यवाद! आदरणीय नितिन गडकरी जी। छत्तीसगढ़ की सरकार के इस कर्मयोग को एक "कर्मयोगी" ही समझ सकता है। सिर्फ बातों से नहीं, नेक इरादों से देश और प्रदेश दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं।गोधन और श्रम का सम्मान गांधी का रास्ता है। हम उसी पर आगे बढ़ रहे हैं।
कई मंचों पर छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना की तारीफ खुद प्रधानमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री कर चुके हैं। इसके अलावा इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। यहां तक की इस योजना के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए कई राज्य अपने यहां के अधिकारियों को भी छत्तीसगढ़ के दौरे पर भेज चुके हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी शासकीय विभागों, निगम-मंडलों एवं स्थानीय निकायों में भवनों के रंग-रोगन के लिए गोबर पेंट का अनिवार्यतः उपयोग करने के निर्देश दिये हैं। पूर्व में जारी किए गए निर्देशों के बावजूद अभी भी निर्माण विभागों द्वारा केमिकल पेंट का उपयोग किए जाने पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
इधर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने कहा है कि वर्ष 2014-15 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गोवर्धन योजना के नाम से योजना चालू की, जिसमें एक कोऑपरेटिव सेक्टर बनाकर नेशनल डेयरी डेवलपमेंट कारपोरेशन के तहत उसकी लॉन्चिंग की और गांव में गोबर की खरीदी हो, उसके साथ उससे गोबर गैस बने, उसके साथ फ़र्टिलाइज़र बने, पेंट बने, इस सब की योजना को केंद्र सरकार ने भारत के सभी प्रदेशों में भेजा और उसके तहत छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध महासंघ ने छत्तीसगढ़ में इस योजना को लागू किया था। 2017 से यह योजना केंद्र सरकार की है और छत्तीसगढ़ में 2017 से लागू की गई थी।
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