OPINION: बस्तर की बदल रही है तस्वीर, CG में विकास से माओवाद होगा परास्त, ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ योजना ने कमाल
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए विश्व प्रसिद्ध है। बस्तर के लोग अपनी संस्कृति और विशेष परंपराओं के निर्वहन के लिए पहचाने जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी वह खुशहाल जीवन जीने की कला जानते हैं। लेकिन उनके खुशहाल जीवन को माओवादियों की नजर लग गई थी। विष्णुदेव साय की सरकार आने के बाद माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई जारी हैं, वहीं विकासमुलक योजनाओं ने भी काफी कुछ बदल दिया है।
माओवादी समस्याओं के कारण सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का समुचित लाभ भी अंदरुनी इलाकों में स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा था। इस सब समस्याओं को समाप्त करने के लिए सीएम विष्णु देव साय की सरकार द्वारा ''नियद नेल्ला नार'' (अपका अच्छा गांव) संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से सुरक्षा कैम्पों के पांच किलोमीटर के दायरे वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रतिसौ शत हितग्राहियों तक पहुंचाने की मुहिम चलायी जा रही है।

हाट बाजारों में लौटी रौनक
इस प्रयास का असर भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय हाट बाजारों में रौनक लौट आई हैं। बंद पड़े हाट बाजार और स्कूल अब दोबारा से शुरू हो रहे हैं। जिससे बस्तर की तस्वीर में उजला रंग भरने लगा है, वहां फिर रौनक लौट आई है।
आदिवासी इलाकों में नक्सलवाद को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा और विकास की नीति को मूल मंत्र बनाया है, इसके सार्थक नतीजे दिख रहे हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकरी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही है। बीते 9 माह के दौरान मुठभेड़ों में 156 से अधिक नक्सलियों को ढेर किया गया है। बीते 6 महीने में 32 फारवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है । जल्द ही दक्षिण बस्तर एवं माड़ में रि-डिप्लायमेंट द्वारा 29 नए कैम्पों की स्थापना भी प्रस्तावित है।
नियद नेल्ला नार सबित हुई गेम चेन्जर
नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गेम चेन्जर साबित हो रही है। नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों एवं ग्रामीणों को 17 विभागों की 59 हितग्राहीमूलक योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीएम विष्णुदेव की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा।
वनांचल क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकानों के बेहतर संचालन से बस्तर की तस्वीर बदलने लगी है। केन्द्र सरकार द्वारा नगरनार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी आरम्भ किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है और लोगों के लिए रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे।












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