भेंट-मुलाकात में सीएम भूपेश ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश, देशी व्यंजनों का लिया स्वाद
बालोद, 20 सितम्बर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तीन दिनों से बालोद जिले के दौरे पर हैं। अपनी भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री आज जिले के जगन्नाथपुर और गुरुर ब्लाक पहुंचे हैं। विधानसभा में लोगों से भेंट मुलाकात करने गुरुर पहुंचे। जहां उन्होंने क्षेत्र के प्रसिद्ध देऊर मंदिर में पूजा अर्चना की जिसके बाद लगभग 1 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर भेंट मुलाकात कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान गुरुर ब्लाक को करोडों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी।

पदयात्रा में नागरिकों ने किया जोशीला स्वागत
पदयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत फूल मालाओं और गुलाब की पंखुड़ियों के साथ तथा गुलदस्ते भेंट कर किया। सड़क के दोनों ओर मुख्यमंत्री के इंतजार में खड़े लोगों के पास मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। महिलाओं ने मुख्यमंत्री की आरती उतार कर उन्हें तिलक लगाया। गुरुर के निवासियों ने मुख्यमंत्री को गजमाला भी पहनाई और मुख्यमंत्री के सिर पर रंगीन साफा भी बांधा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद के जगन्नाथपुर में राशन कार्ड धारिओं से चर्चा की। ग्राम कोहका की चमेली देवदास टोला ने शक्कर 17 रूपए किलो के बजाय 20 रूपये में मिलने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराने के निर्देश फ़ूडइंस्पेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के सबंध मे जानकारी ली। इसके साथ ही कोहोंगाटोला निवासी रामु देवांगन ने गांव के हाई स्कूल को हायर सेकंडरी स्कूल में उन्नयन की मांग की। प्रशांत बघेल सांकरा ने महाविद्यालय में कॉलेज खोलने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोंगो से बात-चीत कर मुख्यमंत्री हाट बाजर क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के क्रियानवयन के सबंध मे चर्चा की।

महिलाओ ने किया आत्मीय स्वागत,
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बालोद विधानसभा क्षेत्र में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान ग्राम जगन्नाथपुर में भागीराम साहू के घर भोजन करने पहुंचे। यहां महिलाओं ने आरती उतारकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने यहां खपराछानी वाले घर मे जमीन में बैठकर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद चखा।

सीएम ने देशी व्यंजनों का लिया स्वाद
भागीराम साहू के घर भोजन करने पहुंचे मुख्यमंत्री को अमारी पटवा भाजी, जिमी कांदा बड़ी, कोलियारी भाजी, करमता भाजी, लाल भाजी, चौलाई भाजी, गुलगुला भजिया, उड़द दाल बड़ा, खेक्सी की सब्जी, पूरी अईरसा, ठेठरी, खुरमी, चौसेला, टमाटर की चटनी परोसा गया। छत्तीसगढ़ी देशी व्यंजनों का मुख्यमंत्री ने पेटभर खाया। स्वादिष्ट भोजन को खाते हुए उन्होंने कहा बने लागत हे, अउ दे तो ओ चटनी। मुख्यमंत्री ने दुबारा मांग कर पताल चटनी खाया। उन्होंने कहा सील - लोढ़हा में पिसे चटनी के मजा अबड़ आथे।












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