Christmas को बनाइये Special,चले आइये जशपुर, यहां है Second Largest Church Of Asia
जशपुर जिले के कुनकुरी में स्थित एशिया का सबसे बड़ा चर्च है। इसका निर्माण 1979 मे पूर्ण हुआ है।
Christmas 2022: क्रिसमस पर अगर आप कहीं जाने की सोच रहें हैं,तो छत्तीसगढ़ का जशपुर आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन हो सकता है। जशपुर में ना केवल आपको हिल स्टेशन घूमने का लुत्फ़ मिलेगा,बल्कि आप यहां एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च में जाकर प्रार्थना भी कर सकते हैं। इस प्रकार आपका क्रिसमस बेहद खास हो सकता है।

एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च
छत्तीसगढ़ के जशपुर में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च हैं,जिसे महागिरजाघर के नाम से जाना जाता है। यह 3 हजार 400 वर्गफुट में फैला हुआ है। बेहद ही खूबसूरत, विशाल इस चर्च में एक साथ करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के बैठकर प्रार्थना कर सकते हैं।

चर्च बनने में लगा लम्बा वक़्त
जशपुर जिले के कुनकुरी में स्थित इस चर्च को 1962 में बनाया गया था, उस वक़्त स्टानिसलास लकड़ा कुनकुरी धर्मप्रांत के बिशप थे। इस भव्य चर्च भवन को विशेष रूप से एक ही बीम के सहारे स्थापित करने के लिए नींव को डिजाइन किया गया था,केवल यही काम करने में 2 साल लग गया था। कुनकुरी चर्च का निर्माण 1979 मे पूर्ण हुआ और 1982 मे इसका लोकार्पण हुआ।

जंगलो से घिरा हुआ सुंदर स्थान
इस चर्च को पूरा बनाने में 13 साल का वक़्त लगा। क्योंकि जशपुर जंगलों और पहाड़ियों से गिरा हुआ शहर है,लिहाजा उस समय अधिक श्रद्धालु यहां नहीं पहुंचते थे,लेकिन अब इलाके के विकसित और पर्यटन के क्षेत्र में चर्चित होने के बाद बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।

7 अंक से विशेष जुड़ाव
इस चर्च की खास बात यह है कि यहां 7 अंक का विशेष महत्त्व है। चर्च में 7 दरवाजे हैं और 7 छतें,7 बीम पर टिकी हुई हैं। दरअसल इसके पीछे की वजह धार्मिक मान्यता ही हैं। 7 नंबर को कैथोलिक वर्ग में विशेष माना गया है। सप्ताह 7 दिन होते हैं,जिसमे 7वां दिन परमेश्वर का होता है।

चर्च ने कुनकुरी को दिलाई नई पहचान
सन 1917 में जशपुर के कुनकुरी से 11 किलोमीटर दूर गिनाबाहर में इस क्षेत्र का सबसे पहला चर्च था। तब कुनकुरी एक छोटा सा गांव था। आगे चलकर इस इलाके में लोयोला स्कूल और होलीक्रॉस अस्पताल की स्थापना की गई। गिरजाघर बनने के बाद ही कुनकुरी को एक शहर के तौर पर पहचान मिली।

आंध्र प्रदेश में हैं सबसे बड़ा चर्च
हाल ही में भारत के आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थित बाइबिल मिशन गूटी चर्च को दुनिया के सबसे बड़े चर्च के रूप में मान्यता दी गई है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन ने 4 दिसंबर 2021 को यह घोषणा की थी। 61 एकड़ भूमि (1,74,040 वर्ग फुट) में फैले बाइबिल मिशन गूटी चर्च को चर्च में 60,000 सदस्यों के बैठने की क्षमता है। यह चर्च आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना प्रदेशों की 114 शाखाओं द्वारा नियंत्रित है।

सुंदर हिल स्टेशन है जशपुर
जशपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग का बेहद ही खूबसूरत जिला है। यहां पहाड़ ,जंगल झरने और कई धार्मिक स्थान हैं। आदिवासी संस्कृति की झलक भी यहां देखने के लिए मिलती है। ऊंची पहाड़ियों की चोटी से मनोरम प्राकृतिक दृश्यों को निहारने का अनूठा अनुभव यहां पर्यटकों को खींच लाता है।जशपुर को अपनी कुदरती सौंदर्य और सुहानी सुंदर वादियों की वजह से एक हिल स्टेशन के तौर पर पहचान मिली हुई है। अगर आप यहां आते हैं,तो चर्च के साथ पूरा क्षेत्र एक्सप्लोर कर सकते हैं।
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