24 साल का हुआ छत्तीसगढ़, स्थापना दिवस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी ने बधाई, जानिए CG का इतिहास
Chhattisgarh State Foundation Day: आज छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस है, जिसे 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर स्थापित किया गया था। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,समस्त छत्तीसगढ़वासियों को राज्य के स्थापना दिवस पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। वैभवशाली लोक परंपरा और जनजातीय संस्कृति के अद्भुत संगम से सजा यह प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ता रहे, यही कामना है।

राज्यपाल डेका, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई
राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेशवासियों को बधाई दी। राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस हमारे प्रदेश की संस्कृति, समृद्धि और विकास के संकल्प को एक नई दिशा देने का अवसर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य निर्माण के 24 वर्ष पूरे हो चुके हैं और हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।
सीएम विष्णुदेव साय ने की दीप जलाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस अवसर पर अपने घरों में दीप जलाएं और राज्योत्सव मनाएं। उन्होंने कहा, "विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है।"
छत्तीसगढ़ का गौरवशाली इतिहास
छत्तीसगढ़ को 'धान के कटोरे' के रूप में जाना जाता है। इसका इतिहास कलचुरी शासकों से शुरू होकर मराठा शासन तक फैला है। इस कृषि प्रधान राज्य का इतिहास बड़ा गौरवशाली है। यहाँ कलचुरी शासको ने सबसे अधिक वर्ष 875 ई. से 1741 ई. तक शासन किया। 1741 ई. से 1854 ई. तक मराठा शासन तक था।
पहली बार कब बोला गया 'छत्तीसगढ़'
छत्तीसगढ़ शब्द का इस्तेमाल आधिकारिक तौर पर दस्तावेज में सबसे पहले 1795 ई. में इस्तेमाल किया गया था। 1854 ई. से अंग्रेजो का शासन शुरू हुआ और राजधानी रायपुर बनाई गई। साल 1905 में संभलपुर बंगाल में मिल गया, सुरगुजा छत्तीसगढ़ में मिला दिया गया।
इसके बाद 1 नवंबर 2000 ई. में मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया गया। यह देश का 26वां राज्य बना। उस सयम देश में 33 जिले थे और इन जिलों की 97 तहसीलें अस्तित्व में आईं थीं। जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया गया,तब यहां 36 गढ़ थे।
अटल बिहारी वाजपेयी का अहम योगदान
छत्तीसगढ़ के निर्माण में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का बड़ा योगदान है। इसे मध्य प्रदेश से अलग बनाने की मांग वर्ष 1965 में आचार्य नरेंद्र दुबे ने की थी। अलग- अलग समय में महान नेता डॉ. खूबचंद बघेल,चंदूलाल चंद्राकर,पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कई नेताओं ने इस आन्दोलन को आगे बढाया।
1998-99 के लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी छत्तीसगढ़ राज्य गठन का वादा किया। साथ ही एक शर्त भी रखी कि उन्होंने इस भूभाग से 11 भाजपा सांसद चाहिए। चुनावी परिणाम में सिर्फ 8 सांसद ही मिले, किंतु केंद्र में भाजपा की सरकार बन गई।
इसके बाद 25 जुलाई 2000 को मध्य प्रदेश राज्य पुनर्निर्माण विधेयक-2000 लोकसभा में पेश किया गया। 31 जुलाई 2000 को लोकसभा में और 9 अगस्त को राज्यसभा में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण पर मुहर लगाई गई। 25 अगस्त को राष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया। 4 सिंतबर 2000 को राजपत्र में प्रकाशन के बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया।
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कई बोलियां हैं संस्कृति का हिस्सा
गढ़ का अर्थ रियासतों की जमीदारी से माना जाता है, उनकी सीमाओं से माना जाता है। इन 36 गढ़ों की वजह ही छत्तीसगढ़ का नाम पड़ा। यहां की प्रमुख बोली छत्तीसगढ़ी है। छत्तीसगढ़ी के साथ ही विभिन्न समाज के लोग अलग- अलग हिस्सों में माढ़िया, हल्बी, गोंडी समेत अन्य बोली भी बोलते हैं।
जनसंख्या और साक्षरता में इजाफा
राज्य के गठन के समय यहां की जनसंख्या लगभग 2 करोड़ थी, जो 2011 में बढ़कर 2.5 करोड़ हो गई। वर्तमान में 2024 में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो गई है। वहीं, साक्षरता दर 64.66% से बढ़कर लगभग 75% हो गई है।
कांग्रेस और भाजपा दोनों को मिला सरकार बनाने का अवसर
मध्य प्रदेश से अलग होने के बाद छत्तीसगढ़ में पहली सरकार कांग्रेस की थी। इस राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी बने। साल 2003 में भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव जीतकर सरकार बनाई। दूसरे सीएम डॉ. रमन सिंह चुने गए।,जिनकी अगुवाई में भाजपा ने राज्य में 15 साल राज किया।
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जबर्दस्त वापसी करके सरकार बनाई और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने थे। हाल ही में 2023 के विधानसभा चुनाव जीतकर बीजेपी ने फिर सत्ता में वापसी की है। अभी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हैं।
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