संत कालीचरण पर छत्तीगसढ़ में FIR दर्ज, धर्म संसद में महात्मा गांधी पर दिया था विवादित बयान
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्म संसद 2021 का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद महाराष्ट्र से आए संत कालीचरण ने मंच से गांधीजी के बार में गलत बात कही। वहीं संत कालीचरण के भाषण के दौरान कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक और राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने बयान का विरोध करते हुए मंच छोड़ दिया। रामसुंदर दास ने कहा कि मैं इस कार्यक्रम से ताल्लुक नहीं रखता, हालांकि आयोजकों ने मुख्य संरक्षक उन्हें बनाया था। राससुंदर दास ने कहा कि मंच से महात्मा गांधी को गाली दी गई है। हम इसका विरोध करते है। यह सनातन धर्म नहीं है और ना ही धर्म संसद के मंच पर इस तरह की बात होनी चाहिए। वहीं इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस थाने पहुंच गई।

रविवार की देर रात को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित दर्जनों कांग्रेसियों ने सिविल लाइंस थाने में जाकर आवेदन दिया। नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे के आवेदन के आधार पर टिकरापारा थाने में केस दर्ज किया गया। संत कालीचरण के खिलाफ आईपीसी की गैर जमानती धारा 505 ( 2 ) और धारा 294 के तहत आरोपी बनाया गया है। संत कालीचरण के विरुद्ध रायपुर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
सिविल लाइंस सीएसपी विरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। मोहन मरकाम की तरफ से मिली शिकायत को थाने में भेज दिया गया है। बता दें कि रविवार को रायपुर में धर्म संसद का समापन कार्यक्रम था। रावणभाटा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में सोशल मीडिया में शिव तांडव स्त्रोत गाकर फेमस हुए संत कालीचरण महाराज को भी बुलाया गया था। मंच पर आकर कालीचरण ने पहले शिव तांडव सुनाया और कुछ देर बाद धर्म-हिंदुत्व पर अपनी बात रखने लगे।

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इस दौरान संत कालीचरण ने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीतिक तौर पर राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन 1947 में हमने देखा है, मोहन दास करमचंद गांधी ने देश का सत्यनाश किया है, नमस्कार है नाथूराम गोडसे को जिन्होंने उन्हें मार दिया। मंच से जब कालीचरण ने ये बात की तो भीड़ ने जयश्रीराम का नारा लगाना शुरू कर दिया। इस धर्म संसद का आयोजन 25 दिसंबर को हुआ था।
इसका आयोजन नीलकंठ सेवा संस्थान के संस्थापक पं नीलकंठ त्रिपाठी ने करवाया जो खुद एनसीपी नेता भी हैं। मुख्य संरक्षकों में महंत रामसुंदर दास, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, विधायक विकास उपाध्याय, निगम सभापति प्रमोद दुबे, विधायक सत्य नारायण शर्मा थे। संरक्षकों में IAS (रिटा.) भाजपा नेता गणेश शंकर मिश्रा, पार्षद ज्ञानेश शर्मा थे। धर्म संसद के पहले दिन कार्यक्रम में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह शामिल हुए, आखिरी दिन CM भूपेश बघेल भी आने वाले थे मगर उनका आना अचानक रद्द हो गया।












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