छत्तीसगढ़ में भी हिजाब विवाद की एंट्री, कोरोनाकाल में स्कूल यूनिफार्म से मिली छूट का विरोध
Entry of hijab controversy in Chhattisgarh too, protest against exemption from school uniform in Corona period
रायपुर,16 फरवरी। कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब मामले का असर छत्तीसगढ़ में भी देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में यूनिफार्म के बंधन से छूट देने के फैसले को भाजपा नेता ने हिजाब विवाद से जोड़ दिया, नेक मकसद से लिया गया फैसला राजनीति के भेंट चढ़ गया, मामले से जमकर सियासत हुई और फैसला वापस ले लिया गया। दरअसल छत्तीसगढ़ में निजी स्कूल संचालकों के संगठन प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने मौजूदा सत्र के दौरान स्कूलों में ड्रेस कोड की बाध्यता खत्म करने का फैसला लिया था।

कोरोना की वजह से मिली थी छूट
स्कूलों में ड्रेस कोड की बाध्यता खत्म करने का फैसले लेने के पीछे निजी स्कूल संचालकों की मंशा अच्छी बताई गई है। स्कूल संचालकों का कहना है कि लम्बे समय तक स्कूल ना खुलने की वजह से बच्चो की स्कूल ड्रेस का छोटी हो जाना था। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि कोरोना की वजह से लम्बे समय से स्कूल बंद थे,हमारा मकसद इस दौरान बढ़ती उम्र के बच्चों के स्कूल यूनिफार्म छोटी या पुरानी हो जाने के कारण होने वाली परेशानियों से राहत देना था।

हिजाब मामले से जोड़ा गया
इस फैसले के खिलाफ एक वर्ग ने सोशल मीडिया में अभियान छेड़ दिया था और इसे हिजाब मामले से जोड़ दिया था। निजी स्कूल संचालक राजीव गुप्ता ने कहा कि कोरोना की वजह से बच्चे लंबे समय से क्लास पा रहे थे। ऑनलाइन पढ़ाई होने से काफी बच्चों ने स्कूल ड्रेस ही नहीं ख़रीदा था,इसलिए हमने इस सत्र में लिए विद्यार्थियों के लिए ड्रेस कोड खत्म कर दिया था। लेकिन मामले में भ्रम फैलाया गया ,जो कि गलत है।

भाजपा नेता के बयान से पैदा हुआ विवाद
दरअसल मामले ने विवाद का रूप छत्तीसगढ़ भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास के बयान के बाद लिया। भाजपा नेता निजी स्कूलों के फैसले पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के दबाव में हिजाब विवाद के चलते तुष्टीकरण की नीति अपनाते हुए जानबूझकर प्राइवेट स्कूलों से शाला गणवेश की अनिवार्यता समाप्त की गई है। श्रीवास के बयान का समर्थन करते हुए भाजपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अभियान छेड़कर फैसले को हिजाब विवाद की कड़ी बताया।

विवाद के बाद वापस लिया गया फैसला
मामले पर सियासत होने के बाद छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने नया आदेश जारी करते हुए अपने फैसले को वापस लिया। संगठन की तरफ से एक नया पत्र जारी किया गया ,जिसमे लिखा था कि स्कूलों का अनुशासन उसके यूनिफार्म से बंधा होता है।पालकों के निवेदन और उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए सिर्फ 2 महीने के लिए यूनिफार्म की बाध्यता को समाप्त किया गया था ,लेकिन इस मामले में भ्रम फैलने की आशंका के कारण हमने इसे वापस ले लिया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने वन इंडिया से कहा कि हम किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहते,लेकिन बच्चो के हित में उनके साथ हमेशा खड़े रहेंगे।राजीव गुप्ता ने कहा कि भले ही हमने अपना फैसला वापस ले लिया है ,लेकिन बच्चों के पालकों की तरफ से हमे फोन करके कहा जा रहा है कि फैसला अच्छा था।
यह भी पढ़ें महिला बनाती थी जबरदस्ती शारीरिक संबंध, परेशान होकर युवक ने कर दी हत्या












Click it and Unblock the Notifications