Covid Update: राजनांदगांव में मॉकड्रिल, ऑक्सीजन प्लांट मिले खराब, स्टाफ की कमी बढ़ा सकती है चिंता
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कोरोना के नए वेरिएंट बीएफ 7 का सामना करने के लिए संसाधनों की जांच की गई। जिसमें निरीक्षकों को कई खामियां मिली।

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने से पहले सभी जिलों के सीमाओं पर कोविड- टेस्ट अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम जिलों में कोविड सामना करने के लिए उपलब्ध संसाधनों और कंडीशन की जांच कर रही है। इस जांच में कई जिले अब भी फेल हैं। इसके लिए मंगलवार को मॉक ड्रील भी किया गया। जिसके तहत राजनांदगांव जिले के मेडिकल कॉलेज और अन्य कोविड अस्पतालों के निरिक्षण में कई कमियां पाई गई।

सीमाओं पर कोविड टेस्ट अनिवार्य
राजनांदगांव जिला छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र के बॉर्डर पर स्थित है। जिसके चलते महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के आधार पर अब प्रदेश के सभी सीमाओं पर आने वाले लोगों की कॉविड टेस्टिंग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही लक्षण वाले लोगों को भी इन कैंप में आकर टेस्ट कराने की अपील की जा रही है।

कोविड के लिए चाहिए प्रशिक्षित स्टाफ
दरअसल राजनांदगांव जिले में पहले ही मेडिकल कॉलेज समेत जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी देखी जा रही है कोरोना संक्रमण बढ़ने पर यहां गंभीर स्थिति का सामना प्रशासन को करना पड़ सकता है। इससे पहले कोविड के दौरान अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। वही कोविड ड्यूटी के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत होती है। लेकिन फिलहाल मेडिकल कॉलेज व अन्य अस्पतालों में स्टाफ की कमी बनी हुई है।
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ऑक्सीजन प्लांट में पाई गई कमी
राजनांदगांव जिले में मॉक ड्रिल के लिए अलग-अलग चार टीमें बनाई गई थी। जिन्होंने पूरे जिले के अस्पतालों का निरीक्षण किया, इस दौरान जिले में बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी दिक्कत पाई गई। डोंगरगढ़ ऑक्सीजन प्लांट भी बन्द मिला। यहां का केबल ही चोरी ही चुका है। तो वहीं कई ऑक्सीजन कंसट्रेटर मशीन कबाड़ की तरह मिली। इसके अलावा अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता में भी कमी देखी गई।
राजनांदगांव जिले में कोविड से लड़ने की तैयारी
वही अगर राजनांदगांव जिले में कोविड-19 के नए वेरियंट BF.7 से सामना करने के लिए तैयारियों की बात की जाए, तो करुणा से निपटने के लिए 246 बैड मेडिकल कॉलेज में तैयार किए गए हैं इसके अलावा उन 39 बैड आईसीयू, 77 बेड एचडीयू, 55 ऑक्सी लेटेस्ट बेड वह तीन ऑक्सीजन प्लांट रनिंग कंडीशन में बताया जा रहा है। 246 जम्बो ऑक्सिजन सिलेंडर भी हॉस्पिटल के पास मौजूद बताए जा रहें हैं। गंभीर मरीजों के लिए 32 वेंटीलेटर हॉस्पिटल में मौजूद बताया जा रहे हैं। जबकि इन्हें संचालित करने के लिए ऑपरेटरों की कमी है।












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