Hindu rights USA: हिंदूफोबिया पर अमेरिका में बड़ा एक्शन, संसद में आया प्रस्ताव, 32 सांसदों ने किया समर्थन
Hindu Rights USA: अमेरिका में हिंदू-अमेरिकी समुदाय के योगदान को लेकर एक अहम राजनीतिक पहल को नया समर्थन मिला है। भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को अब कांग्रेसमैन रो खन्ना का भी समर्थन मिल गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य अमेरिका की इकोनॉमी, एजुकेशन, साइंस, हेल्थकेयर और सोशल डेवलपमेंट में हिंदू समुदाय की भूमिका को सम्मान देना है।
साथ ही इसमें हिंदूफोबिया, धार्मिक नफरत और हिंदू मंदिरों पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की गई है। यह कदम हिंदू-अमेरिकी समुदाय की पहचान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Hindu American community: क्या है यह नया प्रस्ताव?
यह प्रस्ताव अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार द्वारा पेश किया गया था। इसका मकसद हिंदू-अमेरिकी समुदाय के योगदान को आधिकारिक तौर पर मान्यता देना है। प्रस्ताव में कहा गया है कि हिंदू समुदाय ने अमेरिका के अलग-अलग सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा धार्मिक भेदभाव और नफरत के खिलाफ मजबूत संदेश देने की भी कोशिश की गई है। यह प्रस्ताव जनवरी 2025 में पेश हुआ था और तब से लगातार इसे नए सांसदों का समर्थन मिल रहा है।
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रो खन्ना के समर्थन का क्या महत्व है?
कैलिफोर्निया से सांसद Ro Khanna का समर्थन मिलने के बाद इस प्रस्ताव को और मजबूती मिली है। रो खन्ना भारतीय मूल के सबसे प्रभावशाली अमेरिकी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू-अमेरिकी समुदाय ने देश की तरक्की में अहम योगदान दिया है और उनके खिलाफ किसी भी तरह की नफरत स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। उनके समर्थन से प्रस्ताव को दोनों पार्टियों के सांसदों के बीच अधिक चर्चा और समर्थन मिलने की संभावना बढ़ गई है।
हिंदू-अमेरिकी समुदाय का अमेरिका में योगदान
प्रस्ताव में बताया गया है कि हिंदू-अमेरिकी समुदाय ने टेक्नोलॉजी, मेडिकल, एजुकेशन, बिजनेस और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में बड़ी भूमिका निभाई है। हजारों हिंदू-अमेरिकी प्रोफेशनल्स अमेरिका की इकोनॉमी को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। कई बड़ी कंपनियों, यूनिवर्सिटीज और हेल्थ सेक्टर में भारतीय मूल के लोग नेतृत्व की भूमिका में हैं। यही वजह है कि सांसदों का मानना है कि इस समुदाय के योगदान को औपचारिक पहचान मिलनी चाहिए और उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जाना चाहिए।
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हिंदूफोबिया और मंदिरों पर हमलों को लेकर चिंता
प्रस्ताव में हिंदूफोबिया और हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत पर भी चिंता जताई गई है। हाल के वर्षों में कुछ हिंदू मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ तथा धमकी जैसी घटनाएं सामने आई हैं। सांसदों का कहना है कि किसी भी धर्म के लोगों को डर के माहौल में नहीं रहना चाहिए। इसलिए यह प्रस्ताव सिर्फ सम्मान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी संदेश देता है। यह कदम धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।












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