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छत्तीसगढ़ में RSS के कारण हुआ आदिवासियों का अपमान? कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए बड़े आरोप

Chhattisgarh Congress Deepak Baij: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर विश्व दिवस पर आदिवासियों के अपमान का आरोप लगाया है। कांग्रेस आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी ने कल यानी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों का बहिष्कार कर दियाथा। उन्होंने इसके कारण भी गिनाएं हैं।

शनिवार को रायपुर के शंकर नगर में स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बस्तर के पूर्व सांसद और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा ने आदिवासियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के खुले विरोध की वजह से सरकार दबाव में आकर विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों का बहिष्कार कर दिया।

Congress Deepak Baij

दीपक बैज ने गिनाये कारण

दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी दिवस के दिन रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को शामिल होना था, लेकिन वह उस कार्यक्रम में नहीं गए। इसी प्रकार महंत घासीदास संग्रहालय की कला वीथिका में आदिवासियों पर आयोजित एक प्रदर्शनी थी, जिसका उद्घाटन भाजपा सरकार के वरिष्ठ आदिवासी मंत्री रामविचार नेताम को करना था। यह प्रदर्शनी 'अपरिहार्य कारणों से' स्थगित कर दिया गया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस की सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस को एक उत्सव का रूप दिया था। सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी। आज पूरे देश में आदिवासी समाज देख रहा था कि छत्तीसगढ़ में किस तरह से आदिवासी समाज को सम्मान मिल रहा है। दीपक बैज ने कहा कि आरएसएस के अनुषांगिक संगठन "अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम" के कहने पर भाजपा ने आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों से दूरी बना ली है।

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रायपुर से नहीं, नागपुर से चलती है सरकार: कांग्रेस

दीपक बैज ने वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने एक बयान का ज़िक्र किया, जिसमे उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस की भारत में कोई प्रासंगिकता नहीं है। विश्व आदिवासी दिवस कोई अंतरराष्ट्रीय षडयंत्र है। कांग्रेस नेता दीपक बैज ने कहा कि इसका मतलब है कि आरएसएस और भाजपा ने आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को मानने से इनकार कर दिया है। बैज ने आरोप लगाया कि आरएसएस के दबाव का भाजपा की सरकार पर बहुत बड़ा असर हुआ है, लिहाजा इस साल छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से साल विश्व आदिवासी दिन कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा की सरकार दरअसल आरएसएस के इशारे पर चल रही कठपुतली सरकार है. यानी यह सरकार रायपुर से नहीं, नागपुर से चलती है। आरएसएस आदिवासियों की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान नहीं करती है।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्यों अहम?

छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बाहुल्य राज्य है। यहां विधानसभा की 90 सीटें हैं। इनमें से 10 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 29 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं, लिहाजा भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में जनजातीय समुदाय से नाता रखने वाले नेताओं को खासी तवज्जों मिलती है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं आदिवासी हैं, उनके मंत्रिमंडल में भी केदार कश्यप और रामविचार नेताम जैसे आदिवासी नेता शामिल हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज भी आदिवासी समाज से ही आते हैं।

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