CG: कांग्रेस में हुआ था टिकट बिक्री घोटाला? मंत्री केदार कश्यप ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर लगाये बड़े आरोप
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार के वन मंत्री और भाजपा नेता केदार कश्यप ने कांग्रेस पर विधानसभा चुनाव 2023 में टिकट दिलाने के नाम पर हुए लाखों रुपए के लेन-देन का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे कांग्रेस की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कलंकित करने वाला बताया है। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मोहब्बत की दुकान का ढोल पीटती रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि वह हर स्तर पर सौदेबाजी करती रही है।
कश्यप ने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, वैसे-वैसे कांग्रेस की काली करतूतें सामने आ रही हैं। सत्य स्थापित हो रहा है कि कांग्रेस में लेन-देन करने वाले नेताओं की पैठ बहुत गहरी होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजनीति को पूरी तरह से प्रदूषित कर दिया है और अब टिकट बेचने का नया मामला सामने आया है, जिस पर बाकायदा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

मंत्री ने बयान जारी करके कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के पदाधिकारियों पर अभद्र टिप्पणियां की गईं और पैसे लेकर पदों की रेवड़ी बांटी गईं। इससे कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति में रचे-बसे भ्रष्टाचार की पोल खुली है। उन्होंने याद दिलाया कि भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ को कांग्रेस का एटीएम बना रखा था, जो एक महामंत्री ने केंद्रीय नेतृत्व को भेजी चिट्ठी में भी कहा था।
कश्यप ने कहा कि भ्रष्टाचार कांग्रेस के डीएनए में इस तरह रच-बस गया है कि संगठन पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने का नैतिक साहस नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में संगठन के कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन प्रदेश प्रभारी शैलजा पर चुनाव टिकटों की खरीद-बिक्री का आरोप लगाया था और किसी एक नेता को तवज्जो देते हुए बाकी संगठन को दरकिनार कर दिया था।कश्यप ने बताया कि टिकट दिलाने के नाम पर लाखों रुपए वसूले गए थे और इसमें दो महिला नेत्रियों तक को छला गया था। इनमें से एक राजनांदगांव जिले की अजा वर्ग की हैं और प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव हैं, जबकि दूसरी खल्लारी विधानसभा क्षेत्र की अजजा वर्ग की हैं और पहले जनपद अध्यक्ष रह चुकी हैं। इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस अजा-अजजा वर्ग के साथ किस स्तर तक जाकर छल-कपट करती है।
उन्होंने कहा कि विनय जायसवाल, जिन्होंने टिकटों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था, उन्हें कांग्रेस से निकाल दिया गया था। कश्यप ने कहा कि इन दावेदारों से पार्टी फंड के नाम पर लाखों रुपए वसूले गए थे और यह सब राहुल गांधी और भूपेश बघेल की जानकारी में हो रहा था या नहीं, इसका जवाब चाहिए।
वन मंत्री कश्यप ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से पूछा कि आखिर यह टिकट बेचने वाला ठेकेदार कौन है? इसका पैसा किस तक जाता था? क्या राहुल गांधी और भूपेश बघेल को इसकी जानकारी थी? शुरुआती जांच में पता चला है कि ये लाखों रुपए पार्टी फंड के नाम पर वसूले गए थे। टिकट बेचने का निर्णय आखिर किसका था? उन्होंने पूछा कि जिन्होंने टिकट बेचने का प्रपंच रचा, वे लोग किस टोली के हैं? चुनावी टिकटों के कांग्रेसी अंडरवर्ल्ड के किस गैंग का हिस्सा हैं? कश्यप ने कहा कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस नेतृत्व को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।












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