हाथियों का उत्पात रोकने ओड़िसा से टिप्स लेगा छत्तीसगढ़

रायपुर,06 जनवरी। छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों और इंसानो के बीच संघर्ष थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर इस समय लगभग 300 हाथी विचरण कर रहे हैं। माना जाता है कि ओड़िसा और झारखंड के रास्ते छत्तीसगढ़ में लगभग 3 दशक पहले हाथियों ने प्रवेश किया था,तब से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ में हाथियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एक जानकारी के मुताबिक ओड़िसा और झारखंड में घटते जंगल और खनन कार्यो के बढ़ने से हाथी लगातार छत्तीसगढ़ का रुख कर रहे हैं।

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बघेल सरकार के लगातार प्रयास करने पर भी राज्य में भी जंगली हाथियों पर नियंत्रण नहीं हो पाया है। यही वजह है कि अब भूपेश सरकार अपने पडोसी राज्य ओड़िसा की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है।11 जनवरी को दोनो राज्यों के बीच अंतरराज्यीय स्टैंडिग कमेटी की बैठक होनी है, जिसमे छत्तीसगढ़ के वन अधिकारी ओड़िसा के वन विभाग से हाथी नियंत्रण की तकनीकी पर जानकारी हासिल करके इसे अपने राज्य में लागू करेंगे।

सरगुजा सबसे अधिक प्रभावित,लेमरू प्रोजेक्ट भी हुआ है अटका

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग का बड़ा हिस्सा ओड़िसा और झारखंड की सीमा से घिरा हुआ है। छत्तीसगढ़ में हाथियों का उत्पात सबसे अधिक सरगुजा में ही देखा जाता है,हाथियों के झुंड यहाँ पूरे साल डेरा डालकर रखते हैं, इससे जहाँ जानहानि की आशंका बनी रहती है वहीं किसानों की फसल को भी नुकसान होता है। हाथी मानव संघर्ष को कम करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अब तक स्मार्ट हूटर,सेटेलाइट कॉलर आईडी,जीआई वायर का इस्तेमाल कर चुकी है । इसके अलावा हाथियों को धान खिलाकर इंसानी बस्तियों से दूर रखने का भी प्रयास किया जा चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी तरीके से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाएं हैं। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार ने बढ़ते मानव हाथी संघर्ष को रोकने के लिए सरगुजा,कोरबा,रायगढ़ बेल्ट पर स्थान का चयन करके लेमरू एलिफेंट रिजर्व बनाने का निर्णय लिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत 1995 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को हाथियों के लिए आरक्षित किया जाएगा,लेकिन योजना भी फिलहाल मूर्त रूप नहीं ले पाई है।

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हाथियों के डर से रातोरात खाली करने पड़ रहे हैं गाँव

छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज‌ में दो दिन पहले 12 हाथियों के दल ने लुर्गी-रामचंद्रपुर मार्ग को करीब 12 घंटे जाम कर दिया था। इतना ही नहीं इस इलाके में पड़ने वाले कनकपुर के जंगल में बड़ी संख्या में हाथियों ने डेरा जमाया हुआ है। हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण वन विभाग को इलाके के 300 से ज्यादा ग्रामीणों को बुधवार देर रात आश्रम और कनकपुर के पंचायत भवन में शिफ्ट करना पड़ा। सरगुजा समेत कोरबा ,रायगढ़ ,महासमुंद से भी हाथियों के उत्पात की खबरें लगातार आ रही हैं।

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