छत्तीसगढ़: कवर्धा में धार्मिक झंडा उतारने को लेकर हिंसा के बाद तनाव, लगाया कर्फ्यू
रायपुर, 6 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक चौराहे से धार्मिक झंडे हटाने को लेकर दो समूहों में विवाद हो गया। इसके बाद वहां पर जमकर पथराव भी हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत कर्फ्यू लगा दिया था। साथ ही सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी। इस मामले में एक वीडियो फुटेज के आधार पर 70 लोगों की पहचान की गई, जिसमें से 58 लोग गिरफ्तार हुए। फिलहाल कवर्धा, बेमेतरा और राजनांदगांव में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक 3 अक्टूबर को कवर्धा के लोहारा चौक से धार्मिक झंडे हटाने को लेकर दो समुदाय आपस में भिड़ गए थे। इसके बाद इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया गया। फिर भी मंगलवार को रैली निकाली गई। एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि दोनों पक्षों में बैठक के बाद झंडे हटाने पर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ उपद्रवी तत्वों ने वहां पर हिंसा फैलाई। वहीं मंगलवार को जो रैली निकाली गई, उससे भी हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने स्थानीय लोगों को समझाने के लिए एक शांति बैठक करवाई थी। उस दौरान सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई। इसके बावजूद मंगलवार को रैली निकली, जिससे तनाव पैदा हो गया। जब दोनों पक्ष पथराव कर रहे थे, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आई थीं। वहीं कबीरधाम कलेक्टर रमेश शर्मा ने कहा कि रैली के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी क्योंकि रविवार की झड़प के बाद कस्बे में सीआरपीसी की धारा 144 लागू थी। फिलहाल जिलेभर में भारी सुरक्षाबल तैनात हैं और सभी सार्वजनिक स्थानों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।
गृहमंत्री ने कही ये बात
मामले में राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि अब हालात काबू में है। पुलिस-प्रशासन बेहतर ढंग से काम कर रहा। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ, जब छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक उन्माद की कोई घटना हुई है।












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