Chhattisgarh election result 2023: छत्तीसगढ़ में भाजपा की चमत्कारिक जीत के जानें पांच कारण?
Chhattisgarh Assembly Election Result: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम के परिणामों में 54 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने बंपर जीत हासिल कर ली है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस जिसका नारा- भूपेश है तो भरोसा है रहा, उसी पंजे और बघेल सरकार को यहां की जनता ने नकारते हुए भाजपा को चुनते हुए छत्तीसगढ़ में कमल खिला दिया है। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने वाकई में चमत्कार कर दिखाया है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि छत्तीसगढ़ में वो कौन से कारण है जिनकी बदौलत भाजपा को प्रचंड जीत हासिल की है।

बता दें छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान जब कांग्रेस की लहर की बात की जा रही थी तब भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी किया था। 'छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023' नाम से जारी इस घोषणा पत्र में भाजपा ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार, महंगाई से मुक्ति समेत महिलाओं से वादे किए। जो चुनावी नतीजे आए हैं उससे साफ है कि भाजपा के इन वादों से प्रभावित होकर यहां की जनता ने बघेल सरकार को नकार कर भगवा पार्टी को चुना है।
छत्तीसढ़ में भाजपा की जीत के जानिए पांच बड़े कारण
भाजपा पर महिलाओं ने जताया भरोसा
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में 50 विधानसभा क्षेत्रों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं वोटरों की संख्या अधिक है। भाजपा ने महिला वोटरों को साधते हुए चुनाव में "महतारी वंदन योजना" की घोषणा की। जिसमें विवाहित महिलाओं को 12 हजार रुपये हर साल देने का वादा किया गया। इसके साथ ही भाजपा ने महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया। छत्तीसगढ़ की डेढ़ करोड़ से अधिक वोटरों ने वोट डाला जिसमें 78 लाख से से अधिक महिला मतदाता है। चुनाव परिणाम से स्पष्ठ है कि भाजपा की इस योजना का महिलाओं पर जमकर जादू चला है।
भाजपा के इस वादे पर किसानों ने जताया भरोसा
भाजपा ने वादा किया था कि अगर छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनती है तो 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा और 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान की कीमत में किसानों से खरीदा जाएगा। इतना ही नहीं किसानों को एक मुस्त में धनराशि भुगतान किया जाएगा। जबकि बघेल सरकार 20 क्विटन प्रति एकड़ धान ले रही थी और महज 2800 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीद रही थी। भाजपा के इस वादे पर किसानों ने भरोसा जताया है। याद रहे छत्तीसगढ़ में अधिकांश किसान धान की खेती करते हैं।
द्रौपदी मुर्मू का जादू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ चुनाव के दौरान कई बार छत्तीसगढ़ पहुंची। मुर्मू आदिवासी समुदाय से हैं और छत्तीसगढ़ में कुल आबादी करीब 2.75 करोड़ है, इसमें 34 प्रतिशत आदिवासी वोटर्स हैं। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ की 29 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित है और इन सीटों के अलावा कई अन्य सीटों पर आदिवासी मतदाता चुनाव में निर्णायक की भूमिका निभाते हैं। द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए ने ही उनका नाम दिया था। मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति भी हैं। जो चुनाव परिणाम आया है उससे साफ है कि छत्तीसगढ़ भाजपा को आदिवासियों का अपार प्यार मिला है।
छत्तीसगढ़ में हिंदुत्व समेत इन मुद्दों ने भी दिलाई जीत
छत्तीसगढ़ में इसके अलावा भाजपा के हिंदुत्व, मतांतरण, लव जिहाद जैसे मुद्दों ने भी भाजपा को ये जीत दिलाई है। ये ऐसे मुद्दें रहे हैं जिसको लेकर कांग्रेस भाजपा पर हमले करती रही है। राम मंदिर निर्माण, मोदी मैजिक ये भी छत्तीसगढ़ चुनाव में भाजपा की जीत की खास वजहें रहीं हैं।
भूपेश बघेल और कांग्रेस सरकार को जनता ने क्यों किया रिजेक्ट?
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच महादेव ऐप घोटाले में एक शख्स ने बघेल का नाम लेकर करोड़ों रुपये वसूली का आरोप लगाया था जिसके बाद कांग्रेस की जमकर आलोचना हुई थी। इसके अलावा भूपेश सरकार पर शराब घोटाला, डीएमएफ, गोठान योजना, कोयला परिवहन, गोबर खरीद समेद अन्य मामलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर भाजपा घेरती आई है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस में जमकर गुटबाजी और कलह भी खबरें सामने आती रही। सीएम और डिप्टी सीएम में भी मतभेद के अलावा अन्य कांग्रेस के अन्य नेताओं के बीच कलह ने कांग्रेस को कमजोर किया, ये भी कारण कांग्रेस की हार कारण बने।












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