छत्तीसगढ़: खराब रिपोर्ट कार्ड होने पर भी मिलेगा विधायकों को अभयदान? सीएम भूपेश बघेल के बयान ने बढ़ाया असमंजस
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखे छत्तीसगढ़ मेें अपनी सरकार को बरकरार रखना चाहती है।
एक चर्चा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव में कई विधायकों के टिकट काट सकती है। दूसरी चर्चा यह भी है कि सभी को दोबारा मौका भी दे सकती है। दोनों बातें अपने आप में विरोधाभास पैदा करती हैं,क्योंकि कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और राज्य के सीएम भूपेश बघेल ने इच्छा जताई है कि सभी 71 विधायकों को टिकट मिले।जबकि पार्टी के सर्वे में कई विधायक डेंजर ज़ोन में हैं।

सीएम भूपेश के बयान ने डाला असमंजस में
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखे छत्तीसगढ़ मेें अपनी सरकार को बरकरार रखना चाहती है। ऐसे अभी इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि 71 विधायकों के भरी भरकम बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज कांग्रेस अगले चुनाव में क्या नए लोगो को मौका देगी या पुराने चेहरों में दांव खेलेगी। बहरहाल सीएम भूपेश बघेल के दो अलग-अलग बयानों ने टिकट के दावेदारों को असमंजस में डाल दिया है।

कई हैं दावेदार
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को बिलासपुर में दिए एक बयान में कहा कि आगामी विधानसभा में किसे टिकट दिया जायेगा,यह काम पार्टी का है,लेकिन जहां तक मैं चाहता हूं,सभी 71 विधायकों को टिकट मिले और वह चुनाव जीतें। गौरतलब कि छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने होने हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह बयान उन लोगो के लिए निराशाजनक साबित हो सकता है,जो कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ने की इच्छा पालकर बैठे हुए हैं। दरअसल पार्टी में ऐसे कई नेता हैं,जिन्हे पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिला था ,लेकिन उम्मीद है कि इस बार उन्हें मौका मिल सकता है।

30 % विधायकों के टिकट खतरे में
इससे पूर्व 11 जनवरी को रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ताज़ा बयान से एकदम अलग ही बयान दिया था। उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि अगले चुनाव में कमजोर प्रदर्शन करने वाले विधायकों का टिकट कट सकता है । उन्होंने मीडिया के समक्ष स्वीकार किया था कि पार्टी और सरकार ने विधायकों के कामकाज को लेकर बीते चार साल में सर्वेक्षणकरवाए थे,जिसमे लगभग 30 प्रतिशत विधायकों का प्रदर्शन काफी कमजोर पाया गया है।विधायकों ने अपनी स्थित में सुधार नहीं किया,तो उनके टिकट पर निर्णय पार्टी लेगी ।
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कई विधायकों के खिलाफ है नाराज़गी
छत्तीसगढ़ मेें अभी में कांग्रेस के 71 विधायक हैं,जिसमे से 35 विधायक पहली दफा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इन मैदानी क्षेत्रों के विधायकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया है। इन विधायकों के बारे में बताया गया है कि यदि उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं किया, तो चुनाव में पार्टी को घटाए सहना पड़ सकता है। ख़बरों के मुताबिक सर्वे में कुछ सीनियर विधायकों के प्रति भी उनके इलाके मेें नाराजगी देखी गई थी। सरकार और संगठन की तरफ से उसे सुधारने के लिए सुझाव भी दिए गए थे।












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