किस पार्टी के लिए काम करते हैं? कौन है नेता? क्या है निशान ? बागेश्वर धाम वाले धीरेन्द्र शास्त्री ने दिया जवाब
बाघेश्वरधाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने हनुमान चालीसा के अंश पढ़ते हुए कहा कि भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे। क्या यह कहना अंधश्रद्धा है?
Bageshwar dham sarkar: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री देश के सबसे चर्चित कथावाचकों में से एक हैं। वह दिव्य दरबार लगाकर भगवान श्री हनुमान जी तक लोगो की समस्याओं को पहुँचाने का दावा करते हैं। उनपर आस्था के नामपर अंधविश्वास फ़ैलाने के आरोप लगे रहे हैं। आज भारत ही नहीं विदेशों में भी पंडित धीरेंद्र शास्त्री के लाखों फॉलोवर्स हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राम कथा करने पहुंचे बागेश्वरधाम प्रमुख ने कई बड़े बयान दिए।

कभी नहीं कहा -संत हूं
धीरेन्द्र शास्त्री 17 जनवरी से रायपुर पहुंचे हैं,वह 23 जनवरी तक शहर के गुढ़ियारी इलाके में श्रीराम कथा का सुनाने के साथ लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए हनुमान जी का दिव्य दरबार भी लगाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री महाराज पर दिव्य दरबार लगाने के कारण अंधविश्वास फैलाने के आरोप भी रहे हैं।
रायपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान खुद पर लग रहे आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा- कि मैं मैंने कभी नहीं कहा कि मैं कोई संत हूं, मैं साधारण इंसान हूं। हम हमेशा लोगों से कहते हैं कि हम कोई संत नहीं हैं, केवल सच्चे सनातनी हैं। हमारे पास मत आइए,बल्कि हनुमान जी से जुड़िए। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि हमने कभी किसी चमत्कार का दावा नहींकिया हैं। हमारे पास हमारे गुरूजी की कृपा है,उससे हमे जो प्रेरणा मिलती है ,वही हम लोगों को बताते हैं।

किया चैलेंज स्वीकार
नागपुर के सामाजिक कार्यकर्ता श्याम मानव ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री महाराज पर आस्था के नामपर देशभर में अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया है। श्याम मानव का कहना है कि उनके लोगों का अगर पंडित धीरेंद्र शास्त्री 90 फीसदी भी सही जवाब दे पाए, तो वो उनको 30 लाख रुपये नकद इनाम देंगे। खुदपर लगाए आरोपों का जवाब देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने कहा कि हमें श्याम मानव का चैलेंज स्वीकार है।

टिकट का खर्च देंगे आ रायपुर आ जाए
बाघेश्वरधाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने हनुमान चालीसा के अंश पढ़ते हुए कहा कि भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे। क्या यह कहना अंधश्रद्धा है? उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में कानून का उल्लंघन नहीं किया है।
श्याम मानव यदि भगवान का अनुभव करना चाहते हैं,तो दो रायपुर में 20 और 21 को दरबार लगाने वाला है, वह आ जाएँ, उनके आने का किराया हम देंगे। हमे जो प्रेरणा मिलेगी वह बताएंगे,क्योंकि हमे हमें ईष्टदेव पर भरोसा है। उन्होंने आगे कहा कि श्याम मानव पर नागपुर के केस होना चाहिए। क्योंकि उन्होंने हमारे बारे में अफवाह फैलाई।
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बताया अपनी पार्टी का नाम
धीरेंद्र कृष्ण ने कहा कि देश के संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत उन्हें मौलिक अधिकार मिले हैं। इसी अधिकार के तहत वह अपने ईष्ट का प्रचार कर रहे हैं। वह किस पार्टी का समर्थन करते हैं,इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति सेउनका कोई लेना देना नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमारे नेता बजरंग बली हैं और पार्टी का नाम वीर बजरंगी पार्टी है। उन्होंने कहा कि "जो राम का नहीं किसी काम का नहीं" यह हमारी पार्टी का नारा है और गदा उसकी निशानी है।
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