Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में स्थान मिलने पर संशय, सीनियरों को किनारे लगाएगी BJP?
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के चौथे सीएम विष्णुदेव साय के कैबिनेट में किसको जगह मिलेगी, इसकी चर्चाएं सियासी गलियारों में तेजी से चल रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित 13 नेता कैबिनेट में शामिल हो सकते है, इस लिहाज से अब तक मंत्रिमंडल के 3 सदस्य तो तय कर चुके है। शेष 10 लोगों के नाम पर अभी संशय कायम है। इस बीच चर्चा है कि कई भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व सीनियर नेताओं को किनारे लगा सकती है।

दरअसल राजस्थान, मध्यप्रदेश में वरिष्ठ नेताओं को किनारे करके अपेक्षाकृत नए नेता को मुखिया चुना गया है। छत्तीसगढ़ में हालाकिं मुख्यमंत्री पद की कमान सभाल चुके विष्णुदेव साय वरिष्ठ नेता हैं,लेकिन उपमुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार के विधायक विजय शर्मा को स्थान मिला है। अब सियासी हलकों में यह बात बेहद तेजी से दौड़ रही है कि साय कैबिनेट में भी आलाकमान नए लोगों को मौका देगी, कुछ वरिष्ठों को एडजेस्ट किया जायेगा,जबकि अधिकांश को मंत्रिमंडल से बाहर ही बैठना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का गठन 16 या 17 दिसंबर को संभव है। कैबिनेट में जातिगत समीकरण के आधार पर स्थान दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री आदिवासी हैं, उपमुख्यमंत्री ओबीसी और जनरल हैं,लिहाजा बाकि के मंत्री एससी, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग- जनरल,,महिला,युवा का समिश्रण करके ही तय किये जायेंगे। सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री लता उसेंडी,केदार कश्यप,विक्रम उसेंडी,राजेश मूणत, बृजमोहन अग्रवाल, ओपी चौधरी दावेदारों की अग्रिम पंक्ति में शामिल हैं। बहराहल यह माना जा रहा है कि चुनाव जीतकर दोबारा विधायक बने पूर्व मंत्रियों के राजनितिक भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं,क्योंकि बड़े कद के नेता केवल विधायक की भूमिका में नहीं रहना चाहेंगे और अगर उन्हें मंत्री नहीं बनाया जाता है,तो उनके समर्थकों के बीच उनका कद तेजी से घटने लगेगा।
पूर्व सीएम रमन सिंह को विधानसभा अध्यक्ष बनाने का फैसला पहले ही चुका है। सूत्रों की माने तो मंत्रिमंडल गठन में उनके सुझाये नामों पर एकतरफा सहमति बनने की स्थित दिखाई नहीं दे रही है, जो करेगा, केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा। लोकसभा चुनाव से पहले सीनियर नेताओ की उपेक्षा भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है,लिहाजा नए प्रयोग कर रहे शीर्ष नेतृत्व एकदम से सभी पूर्व मंत्रियों को ठिकाने नहीं लगा पायेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल किसे स्थान मिलता है। बहरहाल सूत्र बता रहे हैं कि सभी पूर्व मंत्रियों को खुद नहीं पता है कि उनका आगे क्या होगा।












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