Vijay Suit Controversy: पता चल गया विजय के काले-सफेद सूट का सीक्रेट, बताया किन 2 समुदायों का है प्रतीक- Video
Vijay Suit Controversy: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने 1 जून को तिरुचिरापल्ली में मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली बड़ी जनसभा को संबोधित किया। यह रैली विजय ने अपनी जनता को धन्यवाद देने के लिए की थी। इस दौरान विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्रि कड़गम (TVK) को राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बताते हुए कई जरूरी मुद्दों पर खुलकर बात की। लेकिन चर्चा विजय के सूट की ही ज्यादा हुई।
चुनावी जीत के लिए जनता का जताया आभार
TVK की विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। विजय ने जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को मिला समर्थन यह साबित करता है कि तमिलनाडु की जनता बदलाव चाहती थी। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे और उम्मीदों की जीत है।

सूट पहनने को लेकर हो रही आलोचना पर दिया जवाब
रैली के दौरान विजय ने अपने पहनावे को लेकर हो रही राजनीतिक आलोचनाओं पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में उनके सूट पहनने को लेकर काफी चर्चा की जा रही है और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। विजय ने सवाल उठाते हुए कहा-
"आजकल मेरे सूट पहनने की चर्चा है। क्या सिर्फ सत्ता वाले ही सूट पहनते हैं? ऐसा बिल्कुल नहीं है।"उन्होंने साफ किया कि किसी व्यक्ति के कपड़ों के आधार पर उसकी राजनीति या सोच का आकलन नहीं किया जाना चाहिए।
काले और सफेद कपड़ों के पीछे बताया मैसेज
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनका पहनावा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक प्रतीकात्मक संदेश भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा-
"क्या मैं कई रंगों के सूट पहनता हूं? नहीं, मैं केवल काले और सफेद कपड़े पहनता हूं। काला और सफेद रंग उनके लिए साफ और निष्पक्ष राजनीति का प्रतीक है। इसका मतलब है कि मैं हर काम में बेदाग और ट्रांसपेरेंट रहूंगा। काले रंग का महत्व बताने की जरूरत नहीं है, आप सभी इसे अच्छी तरह जानते हैं।"उनके इस बयान को पॉलिटिकल ट्रांसपेरेंसी और साफ-सुथरे प्रशासन के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
MGR से तुलना पर विजय ने क्या कहा?
जनसभा के दौरान विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री और तमिल राजनीति के दिग्गज नेता एम.जी. रामचंद्रन (MGR) से की जा रही अपनी तुलना पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि MGR को अपने पहले चुनाव में भी उतना वोट प्रतिशत नहीं मिला था, जितना उनकी पार्टी को मिला है।
हालांकि विजय ने साफ कहा कि वह खुद की तुलना MGR से नहीं करते। उन्होंने कहा-
"लोग कहते हैं कि MGR को भी अपने पहले चुनाव में इतना वोट प्रतिशत नहीं मिला। लेकिन मैं MGR से अपनी तुलना नहीं करता। MGR, MGR हैं। मैं आपका विजय हूं, जो MGR, अन्ना और पेरियार के दिखाए रास्ते पर काम करने आया है।" Hajj Yatra 2026: 50% तक महंगी हुई हज यात्रा, मक्का यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, क्या मदद करेगी सरकार?DMK की राजनीतिक पर साधा निशाना
रैली में मुख्यमंत्री विजय ने सत्तारूढ़ राजनीति और विपक्ष के रवैये पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार बने अभी कुछ ही सप्ताह हुए हैं, लेकिन विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया है।
विजय ने चुटीले अंदाज में कहा, "जो लोग छह महीने तक चुप रहने की बात कर रहे थे, वे छह दिन भी खामोश नहीं रह पाए।" उनके इस बयान को विपक्षी दलों की लगातार आलोचनाओं का जवाब माना जा रहा है।
AIADMK का नाम लिए बिना दिया तगड़ा डोज
विजय ने अपने भाषण में AIADMK का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उन्होंने तमिलनाडु की मौजूदा राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। विजय ने जोर देकर कहा-
"तमिलनाडु की राजनीति में अब मुकाबला सिर्फ DMK और TVK के बीच है। तीसरी पार्टी के लिए कोई जगह नहीं है।" Pakistan Crisis: तेल की किल्लत के चलते कराची में मंगाई इलेक्ट्रिक बसें, चार्जिंग स्टेशनों से ही गुल हुई बत्तीजाति, धर्म और पैसे की राजनीति को चुनौती देने का दावा
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने पारंपरिक राजनीति के उन तरीकों को चुनौती दी है, जिनमें जाति, धर्म और पैसे के आधार पर वोट मांगे जाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि TVK ने लोगों के मुद्दों और विकास को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ा और जनता ने इसी सोच का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और राजनीति को अधिक पारदर्शी बनाना है।
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