AAP नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ FIR, दिल्ली पुलिस ने किस मामले में लिया एक्शन?
Saurabh Bhardwaj FIR Case: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष और सीनियर नेता सौरभ भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एक गंभीर मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की है। आरोप है कि सौरभ भारद्वाज ने पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में यौन उत्पीड़न (Sexually Assaulted) का शिकार हुई 3 साल की मासूम बच्ची की पहचान उजागर की है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी पीड़ित नाबालिग बच्चे की पहचान किसी भी रूप में सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है।

इन गंभीर कानूनी धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
दिल्ली की जनकपुरी थाना पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ कानून की कई कड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, यह एफआईआर (FIR) भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 72, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 23(4) के तहत दर्ज की गई है। ये सभी धाराएं किसी भी पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाती हैं।
क्या था जनकपुरी स्कूल का पूरा मामला? (Janakpuri School Incident)
यह पूरा मामला तब सामने आया जब जनकपुरी के एक प्राइवेट स्कूल की नर्सरी क्लास में पढ़ने वाली तीन साल की बच्ची के परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। पीड़ित परिवार का आरोप था कि 30 अप्रैल को स्कूल के बेसमेंट में बच्ची के साथ घिनौनी हरकत की गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 1 मई को स्कूल के 57 वर्षीय केयरटेकर (Caretaker) को गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी केयरटेकर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत रेप और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 (गंभीर मर्मभेदी यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, 7 मई को द्वारका कोर्ट से आरोपी को जमानत मिल गई थी।
टीचर की भी हुई गिरफ्तारी और AAP का प्रदर्शन
केयरटेकर की गिरफ्तारी के करीब दो हफ्ते बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरतने या संलिप्तता के आरोप में स्कूल की एक महिला टीचर को भी गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद से ही आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं और खुद सौरभ भारद्वाज ने पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन (AAP Protests) किया था।
पहचान उजागर करने पर क्या कहती है दिल्ली पुलिस?
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़ित बच्चे की पहचान को उजागर करना एक दंडनीय और संज्ञेय अपराध (Punishable Offence) है। पुलिस का कहना है कि कानून के मुताबिक, पहचान उजागर करने के पीछे आपका इरादा (Intent) चाहे जो भी हो-चाहे आप न्याय मांग रहे हों या विरोध जता रहे हों-बच्चे की निजता और पहचान को सार्वजनिक करने पर आपराधिक कार्रवाई तय है। इसी वजह से 'आप' नेता के खिलाफ यह कदम उठाया गया है।















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