छत्तीसगढ़ः पिछले दो सालों में 50 सुरक्षाकर्मियों ने खुद को मार ली गोली, राज्य गृहमंत्री ने दिया जवाब
रायपुर। पिछले दो सालों में छत्तीसगढ़ में अर्धसैनिक बलों के जवानों सहित 50 से अधिक सुरक्षाकर्मियों ने खुदकुशी की। बीते बुधवार को राज्य विधानसभा को सूचित किया गया। भाजपा विधायक अजय चंद्रकार के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि इस अवधि के दौरान फ्रेट्रिकाइड की दो घटनाएं भी हुईं, जिसमें कुल 8 लोगों की जान चली गई।

उन्होंने कहा कि राज्य और अर्धसैनिक बलों के जवानों सहित 50 पुलिस कर्मियों ने 2018 से अब तक आत्महत्या की है। जवाब में कहा गया कि इसके अलावा भारत, तिब्बत सीमा पुलिस के 6 सहित 8 सुरक्षाकर्मी इस अवधि के दौरान फ्रेट्रिकाइड की दो घटनाओं में मारे गए। इस साल 2018 में 26, 26 में दो और सुरक्षाकर्मियों ने आत्महत्या की। इनमें से 18 मामले नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 6 जिलों से सामने आए।
गृहमंत्री ने कहा कि ज्यादातर मामलों में चरम कदम के चलते पारिवारिक मुद्दे या स्वास्थ्य समस्याएं थे। फ्रेट्रिकाइड की दो अलग-अलग घटनाओं में उनके सहयोगियों पर हमला करने वाले एक सुरक्षाकर्मी नारायणपुर में 4 दिसंबर को आईटीबीपी के 6 जवान मारे गए थे, जबकि छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के दो जवान पिछले साल 19 जून को बीजापुर जिले के मिंहाहल गांव में मारे गए थे। गृहमंत्री ने कहा कि कार्मिकों का मनोबल ऊंचा रखने के लिए सुरक्षा बलों की सभी इकाइयों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
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