CG: पीड़ित बैगा परिवार से मिले मंत्री अकबर, मृतक के 4 बच्चे पढ़ेंगे हॉस्टल में, आरोपी रेंजर हुए निलंबित
कवर्धा,29 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में ग्राम कमराखोल के निवासी बुधराम बैगा के आत्महत्या प्रकरण में आरोपियों पर बड़ी कार्यवाही की गई है। परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर सहायक क्षेत्रपाल अनिल कुमार कुर्रे तथा सहायक क्षेत्रपाल प्रवीण सिंह परिहार पर थाना कुकदूर में पंजीबंद्ध अपराध प्रकरण में गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें निलंबित किया गया है। दरअसल आज ही मंत्री मोहम्मद अकबर ने मृतक बुधराम बैगा के परिजनों से मुलाकात की है।

दो आरोपी डिप्टी रेंजर निलंबित
केबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने आज बुधराम बैगा के परिजनों से मुलाकात की है, और हर सम्भव मदद का आश्वाशन दिया। जिसके बाद आरोपी डिप्टी रेंजर अनिल कुर्रे, और प्रवीण सिंह के निलंबन का आदेश छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम कवर्धा मंडल के द्वारा जारी किया गया। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कवर्धा परियोजना मंडल कवर्धा किया गया है।

दो अन्य वन कर्मचारियों का स्थानांतरण
इसके साथ ही आज सहायक परियोजना क्षेत्रपाल एवं क्षेत्ररक्षक का स्थानांतरण कर दिया गया है। पंडरिया रेंज कवर्धा मंडल में पदस्थ सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, रंजीत कुमार पटेल का मुरूमडीह रेंज बारनवापारा मंडल रायपुर, गांगपुर बीट कवर्धा परियोजना मंडल में पदस्थ क्षेत्ररक्षक अरूण कुमार सिंह को कराठी डिपो अंतागढ़, परियोजना मंडल भानुप्रतापपुर में पदस्थ किया गया है।

मंत्री ने दिए निर्देश, 4 बच्चे हॉस्टल में रहकर करेंगे पढ़ाई
मृतक आदिवासी स्वर्गीय बुधराम बैगा के परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में अधिकारियों को जानकारी मिली। मृतक के परिवार में 6 बच्चे है, इसमें से एक बच्चा छोटा है। वहीं 4 बच्चे कक्षा चौथी के बाद पढ़ाई छोड़ दिए है। जिला प्रशासन द्वारा अब परिवार के 4 बच्चे पोलमी छात्रावास में प्रवेश दिलाया जा रहा है। चारों बच्चे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करेंगे। इनमें तीन बालिका और 1 बालक शामिल है।

जानिए क्या है बुधराम बैगा का मामला
दरअसल कमराखोल निवासी बुधराम बैगा गांव के ही जंगल में अपने घरेलू उपयोग के लिए सागौन पेड़ काट रहा था। इस दौरान डिप्टी रेंजर अनिल कुर्रे और प्रवीण सिंह परिहार ने उसे रंगेहाथ पकड़ा लिया। डिप्टी रेंजर द्वारा पीड़ित को कार्रवाई न करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। बैगा ने इतने पैसे नहीं होने की बात की तब उसे जल्द ही रुपये की व्यवस्था करने की बात कहकर डिप्टी रेंजरों ने छोड़ दिया था। रोजाना अधिकारी पीड़ित के घर जाकर मृतक बैगा से पैसा की मांग कर परेशान कर रहे थे और जेल भेजने की धमकी देकर डरा रहे थे। लेकिन पीड़ित बैगा पैसे का इंतजाम नहीं कर पाया. कार्रवाई के डर से 10 सितंबर को जंगल में पेड़ में रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस की जांच में हुआ था खुलासा
इस घटना की जानकारी दूसरे दिन परिजनों को मिली, तब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया और मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस को मामले इस मामले में डिप्टी रेंजरों के द्वारा पैसे के लिए परेशान और प्रताड़ित करना पाया गया। कुकदूर पुलिस ने आरोपी डिप्टी रेंजर अनिल कुर्रे और प्रवीण परिहार पर अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया है। जहां उन्हें जेल भेज दिया गया।












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