CG Election 2023: कांग्रेस ने बस्तर की 12 में से 11 सीटों पर की उम्मीदवारों की घोषणा, जगदलपुर सीट पर फंसा पेंच
CG Election 2023: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की सूची का इंतजार लोगों को रहा है, जिसके बाद बस्तर की 11 सीटों के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, लेकिन एक सीट पर अब भी फैसला अटकाकर रखा गया है। बताया जाता है कि जगदलपुर विधानसभा से अब तक प्रत्याशी का नाम फाइनल नहीं किया गया है। इधर 11 सीटों पर घोषित नामों में से 7 सीटों पर चेहरों को दोहराया गया है, वहीं 4 सीटों पर बदलाव किया गया है। इसके साथ ही पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को चित्रकोट से टिकट दिया गया है। वहीं इस बार बस्तर टाइगर कहे जाने वाले महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती को नहीं, बल्कि उनके बेटे छविंद्र कर्मा को दंतेवाड़ा जिले से टिकट मिला है।
लंबे इंतजार के बाद जहां कांग्रेस ने बस्तर की 11 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, वहीं सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली जगदलपुर सीट का फैसला अब भी रोका गया है। बस्तर जिले की तीन विधानसभा सीटों में से दो में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी गई है। इनमें बस्तर विधानसभा से वर्तमान विधायक लखेश्वर बघेल को दोबारा मौका दिया गया है। ऐसे में वे चौथी बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

इधर पीसीसी अध्यक्ष व बस्तर सांसद दीपक बैज अपने गृहक्षेत्र चित्रकोट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से वे 2 बार विधानसभा के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। इसके साथ ही दोनों बार चुनाव जीत भी चुके हैं। इसके बाद साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें मिले टिकट के बाद वे सांसद बन गए तो इस सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस से राजमन बेंजाम को टिकट मिली, जिसके बाद वे विधायक चुने गए।
इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण सीट दंतेवाड़ा रही है, जहां से बस्तर टाइगर कहे जाने वाले स्व. महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा विधायक हैं। कर्मा के परिवार के हर सदस्य अपने आपको विधायक मानते रहे हैं। इसी के साथ ही कर्मा के बेटे छविंद्र बीते लंबे समय से टिकट के दावेदारों में शामिल होते रहे हैं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दी गई। पहली बार छविंद्र बतौर विधानसभा प्रत्याशी दंतेवाड़ा से खड़े होंगे। मालूम हो कि छविंद्र की बहन तूलिका भी टिकट की दावेदारी कर रहीं थीं, लेकिन वर्तमान में वे जिपं अध्यक्ष हैं।
कोंटा विधानसभा सीट से कवासी लखमा छठवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पहले वे 5 बार के विधायक रहे हैं। वहीं कांग्रेस की सरकार में लखमा आबकारी मंत्री हैं। केशकाल सीट से विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम को फिर से टिकट मिली है, जहां वे भाजपा प्रत्याशी आईएएस अफसर नीलकंठ टेकाम के सामने खड़े होंगे। कोंडागांव व नारायणपुर में भी पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम व चंदन कश्यप को ही विधायक प्रत्याशी बनाया गया है। इधर बीजापुर विधानसभा से विक्रम मंडावी को टिकट मिली है।
कांकेर जिले के अंतागढ़ सीट से अनूप नाग के नाम पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद यहां से रूपसिंह पोटाई को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं कांकेर सीट पर पूर्व विधायक शंकर धुर्वा को दोबारा मौका दिया गया है। भानुप्रतापपुर सीट से पूर्व विस उपाध्यक्ष रहे स्व. मनोज मंडावी की पत्नी सावित्री मंडावी को फिर से चुनावी मैदान में कांग्रेस ने खड़ा कर दिया है। मालूम हो कि मनोज की मौत के बाद सावित्री ने उपचुनाव में जीत हासिल की थी।
लोग जहां जगदलपुर में कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं पार्टी आलाकमान ने यहीं के नतीजे को रोककर रखा हुआ है। बताया जाता है कि वर्तमान विधायक रेखचंद जैन के अलावा राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त राजीव शर्मा, कांग्रेस संगठन से मलकीत सिंह गैदू व पूर्व महापौर जतिन जायसवाल के नाम जगदलपुर की सूची में शामिल हैं। ऐसे में किसी एक नाम पर सहमति बनाने को लेकर खासी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। इन हालातों में किसी भी तरह की विवाद की स्थिति से बचने के लिए जगदलपुर सीट की घोषणा अगली सूचियों में किए जाने की बात कही जा रही है।
संवाद सूत्र: ऋषि भटनागर, जगदलपुर/छत्तीसगढ़












Click it and Unblock the Notifications