मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक: CM भूपेश ने मजबूती से रखे छत्तीसगढ़ के मुद्दे, HM अमित शाह ने भरी कई पर हामी
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक: सीएम भूपेश ने मजबूती से रखे छत्तीसगढ़ के मुद्दे, गृहमंत्री अमित शाह ने भरी कई पर हामी ,Central Zonal Council meeting में गूंजे छत्तीसगढ़ के मुद्दे
रायपुर/ भोपाल, 22 अगस्त। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक में छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रस्ताव पर गृहमंत्री अमित शाह ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तय किया गया कि राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट को कार्गो हब बनाया जायेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार की तरफ से गृहमंत्री अमित शाह ने कोदो, कुटकी का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने पर भी हामी भर दी है।
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छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिकारीयों ने जानकारी दी कि सीएम भूपेश बघेल भोपाल में आयोजित क्षेत्रीय परिषद की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में कुल 19 एजेंडे रखे गए,जिसमे से छत्तीसगढ़ की तरफ से सीएम भूपेश बघेल ने सर्वाधिक 8 एजेंडे रखें। इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार के 03, उत्तर प्रदेश सरकार का 01 और उत्तराखंड सरकार के 02 एजेंडे चर्चा में शामिल किये गए। बैठक में यह तय हुआ कि छत्तीसगढ़ की गौधन न्याय योजना अंतर्गत निर्मित वर्मी कम्पोस्ट को रासायनिक खाद की तर्ज़ पर न्यूट्रिशन बेस्ड सब्सिडी (Nutrition Based Subsidy) का लाभ प्रदान किया जाएगा।
राज्य सरकारों को पर्याप्त अधिकार देने की वकालत
बैठक में सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप राज्य सरकारों को दिए जाएं विकास के समुचित अधिकार दिये जाने चाहिये ।केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक में संबोधित कर रहे थे । बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, हमारे संविधान ने भारत को राज्यों का संघ कहा है। अतः इसमें राज्य की अपनी भूमिका तथा अधिकार निहित हैं। हमने आजादी की गौरवशाली 75वीं सालगिरह मना ली है। इस परिपक्वता के साथ अब सर्वोच्च नीति नियामक स्तरों पर भी यह सोच बननी चाहिए कि राज्यों पर पूर्ण विश्वास किया जाए और राज्यों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास के समुचित अधिकार राज्य सरकारों को दिए जाएं।
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उन्होंने बैठक में आगे कहा कि, 44 प्रतिशत वन क्षेत्र, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी की बहुलता, सघन वन क्षेत्रों में नक्सलवादी गतिविधियों का प्रभाव, कृषि-वन उत्पादों तथा परंपरागत साधनों पर आजीविका की निर्भरता जैसे कारणों से छत्तीसगढ़ के विकास हेतु विशेष नीतियों और रणनीतियों की जरूरत है। हम राज्य के सीमित संसाधनों से हरसंभव उपाय कर रहे हैं, लेकिन हमें भारत सरकार के विशेष सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि आज की बैठक के एजेण्डे में ऐसे कई बिन्दु शामिल हैं, जिन पर सकारात्मक चर्चा होने से छत्तीसगढ़ को मदद मिलेगी।
उठाया नक्सल समस्या का मुद्दा
सीएम भूपेश में बैठक में नक्सल समस्या से जुड़े विषय पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों से संबंधित 14 चिन्हित शासकीय गैरवानिकी कार्यों हेतु 40 हेक्टेयर तक भूमि व्यपवर्तन का अधिकार 31.12.2020 को कालातीत हो चुका है, जिसे पुनर्जीवित करने हेतु राज्य शासन द्वारा
अनुरोध किया गया है, जिसकी स्वीकृति अपेक्षित है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' के अंतर्गत निर्मित सड़कों में लगभग 426 वृहद पुल छूटे हुए हैं और नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में 154 सड़कें जिनकी लंबाई 562 किलोमीटर स्टेज-1 जीएसबी स्तर तक पूर्ण हो चुकी हैं। इसलिए स्टेज-2 की स्वीकृति की आवश्यकता है। दोनों कार्यों की अनुमानित लागत 1 हजार 700 करोड़ रुपए है। अनुरोध है कि इसके लिए स्वीकृति प्रदान की जाए।
सीएम भूपेश ने गृहमंत्री अमित शाह से अनुरोध किया करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' के कार्यों हेतु माह सितम्बर, 2022 की समयावधि निर्धारित की गई है, अनुरोध है कि बस्तर संभाग में कार्य पूर्ण करने हेतु अधिक समय प्रदान किया जाए।
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