CG Election: बस्तर संभाग की 12 सीटों के लिए बीजेपी की सूची जारी, 4 पूर्व मंत्रियों समेत 8 नए चेहरों को मौका
CG Election 2023: केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही पूरे छत्तीसगढ़ में आदर्श आचरण संहिता भी लागू कर दी गई है। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि अब विधानसभा चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
आदर्श आचरण संहिता के लागू होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने भी बस्तर की 10 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। मालूम हो कि पूर्व में 2 सीटों की घोषणा की गई थी, जिनमें बस्तर विधानसभा क्षेत्र से मनीराम कश्यप व कांकेर विधानसभा क्षेत्र से आशाराम नेताम को भाजपा ने अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद सोमवार को बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटों में से बाकी बचे 10 नामों की घोषणा सोमवार को कर दी गई है।

भाजपा की तरफ से जारी प्रत्याशियों की सूची में 12 में से 8 उम्मीदवार नए चेहरे हैं। जबकि बाकी बची 4 सीटों पर पुराने हार चुके प्रत्याशियों को ही दोबारा मौका दिया गया है। हालांकि पुराने चेहरों में वे उम्मीदवार शामिल हैं, जो भाजपा सरकार के दौरान मंत्रिमंडल के सदस्य रहे।
नारायणपुर विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री व वर्तमान में भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप को टिकट दी गई है, वहीं कोंडागांव सीट से भी पूर्व मंत्री व वर्तमान में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इधर बीजापुर सीट से पूर्व मंत्री रहे महेश गागड़ा भाजपा उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस प्रत्याशी का सामना करेंगे। दूसरी तरफ अंतागढ़ विधानसभा सीट से पूर्व वन मंत्री रहे विक्रम उसेंडी को दोबारा टिकट दे दी गई है।
जानिए, किन्हें मिली टिकट
जगदलपुर से किरण देव- किरण जगदलपुर नगर निगम के पूर्व महापौर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अन्य किसी भी संवैधानिक पद पर काम नहीं किया है। वर्तमान में किरण भाजपा बिलासपुर संभाग प्रभारी हैं, लेकिन आला कमान के निर्देश पर जगदलपुर में ही काम संभाल रहे हैं।
चित्रकोट से विनायक गोयल- चित्रकोट विधानसभा से भाजपा की टिकट पर विनायक चुनाव लड़ेंगे। हालांकि इससे पहले वे जनपद व जिला पंचायत स्तर पर बतौर सदस्य काम करते रहे हैं। वर्तमान में भी वे जिपं सदस्य हैं।
दंतेवाड़ा से चैतराम अटामी- वर्तमान में अटामी दंतेवाड़ा भाजपा जिलाध्यक्ष हैं। मूल रूप से कासोली निवासी चैतराम पूर्व में पंचायत स्तर की राजनीति कर चुके हैं। इसके बाद उन्हें पार्टी में जिले के शीर्ष पद की जवाबदारी मिली। अब उन्हें टिकट दे दी गई है।
केशकाल से नीलकंठ टेकाम- जगदलपुर में एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर व अपर कलेक्टर रहे नीलकंठ ने बीते महीनों वीआरएस लेकर भाजपा की सदस्यता ली। कोंडागांव जिले में बतौर कलेक्टर भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्हें केशकाल क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दी गई है।
कोंटा से सोयम मुका- कोंटा विधानसभा क्षेत्र के सोयम मुका हालांकि भाजपा के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। इसके अलावा सलवा जुडुम में भी उनकी बड़ी भूमिका रही, जिसके चलते वे नक्सलियों के निशाने पर भी रहे। भाजपा ने कोंटा सीट से उन्हें टिकट दी है।
भानुप्रतापपुर से गौतम उइके- भानुप्रतापपुर क्षेत्र के गौतम उइके लंबे समय से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहे हैं। वर्तमान में इस सीट पर सावित्री मंडावी विधायक हैं, जिन्हें पिछले साल हुए उपचुनाव में जीत मिली थी। इससे पहले सावित्री के पति मनोज मंडावी क्षेत्र के विधायक थे। गौतम को इस सीट से पहली बार टिकट मिली है।
नारायणपुर से केदार कश्यप- केदार पूर्व में नारायणपुर सीट से विधायक रहकर एक दशक तक प्रदेश के मंत्रिमंडल के सदस्य रहे। इस बीच उन्होंने जहां स्कूली शिक्षा, पीएचई, आजाक विभाग सहित अन्य विभाग संभाले, वहीं 2018 में हुए चुनाव में उन्हें वर्तमान विधायक चंदन कश्यप से 2647 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। इस दफे चौथी बार केदार को टिकट दी गई है।
कोंडागांव से लता उसेंडी- पूर्व में कोंडागांव सीट से वे दो बार विधायक रहीं, जहां उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग का मंत्रालय भी संभाला। इसके बाद उन्होंने साल 2018 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे मोहन मरकाम से 1796 मतों से हार गईं, जिसके बाद उन्हें बीते महीनों भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया गया। लता को भी चौथी बार भाजपा ने टिकट दी है।
बीजापुर से महेश गागड़ा- बीजापुर विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री रहे महेश को चौथी बार भाजपा ने टिकट दी है। सबसे पहले महेश ने 2008 में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र पामभोई को हराया और विधायक बने, जिसके साथ ही उन्हें संसदीय सचिव बनाया गया था। इसके बाद वे दूसरी बार 2013 में विक्रम मंडावी को हराकर जीते और वन मंत्री बनाए गए। पिछली बार 2018 में हुए चुनाव में महेश को विक्रम के हाथों ही हार का सामना करना पड़ा और हार का अंतर 21584 मतों का था।
अंतागढ़ से विक्रम उसेंडी- कांकेर जिले के अंतागढ़ विधानसभा सीट से पूर्व वन मंत्री रहे विक्रम उसेंडी को पांचवी बार भाजपा ने टिकट दी है। इससे पहले 2003 में नारायणपुर तो 2008 व 2013 में वे अंतागढ़ से विधायक रहे। इस बीच वे 2008 में वन मंत्री भी बनाए गए। साल 2018 में हुए चुनाव में कांग्रेस के अनूप नाग ने उन्हें 13404 मतों से हार का सामना करना पड़ा था।
संवाद सूत्र: ऋषि भटनागर, जगदलपुर/छत्तीसगढ़












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