CG Election 2023: क्या कांग्रेस के दीपक को टक्कर दे पाएंगे BJP के गोयल, जानिए चित्रकोट सीट का क्या है समीकरण
Chhattisgarh Election 2023:बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा सीट भी अपने आप में हाईप्रोफाइल है। दरअसल कांग्रेस ने जहां बस्तर सांसद व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को टिकट दी है। भाजपा ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य और मंडल अध्यक्ष विनायक गोयल पर दांव खेला है।
भाजपा ने इसे जहां कांग्रेस के जनाधार के लगातार कम होने का आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस ने इसे अपनी रणनीति बताया है।मालूम हो कि इस सीट से कांग्रेस के विधायक रहे राजमन बेंजाम की टिकट इस चुनाव में काट दी गई थी।

ऐसे में राजमन भी शुरूआत में बगावत के मूड में दिख रहे थे, वहीं समर्थकों ने उनसे निर्दलीय चुनाव लड़ने की मांग भी की थी। अब हालांकि उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने की बात कही है, लेकिन सूत्रों की मानें तो वे भीतरघात करते हुए प्रत्याशी को कमजोर कर सकते हैं।
दूसरी तरफ इसी क्षेत्र से कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष बलराम मौर्य ने भी टिकट की दावेदारी की थी। उन्हें भी टिकट नहीं मिली। ऐसे में वे भी कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं। यही कारण है कि अब तक प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में वे नजर नहीं आए हैं।
इन हालातों में कांग्रेस प्रत्याशी से क्षेत्र के दो-दो बड़े नेता भीतरघात कर सकते हैं। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि कांग्रेस प्रत्याशी के लिए इस बार जीत उतनी आसान नहीं है, जितनी ऊपर से दिख रही है।
दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी विनायक गोयल की राह में भी रोड़े अटक सकते हैं। दरअसल क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे बैदूराम कश्यप और लच्छूराम कश्यप ने पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ने टिकट मांगी थी, लेकिन पार्टी ने क्षेत्र में नया चेहरा उतार दिया। इसके चलते क्षेत्र में सक्रिय रहे दोनों नेताओं को निराशा हुई। बाद में गठित हुई चुनाव संचालन समिति में पूर्व विधायक बैदूराम कश्यप को ही बतौर संचालक चुनाव संचालन की जिम्मेदारी दे दी गई।
इधर पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप को भी चुनाव संचालन समिति में शामिल किया गया। ऐसे में दोनों ही दावेदारों की पार्टी विरोधी गतिविधियों की संभावनाओं को कमतर करते हुए आला कमान ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। बावजूद दोनों टिकट के दावेदारों को दरकिनार कर नए चेहरे को सामने लाए जाने के निर्णय पर भीतरघात की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्र से पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज पूर्व में भी विधायक रहे हैं। उन्होंने साल 2013 में भाजपा के बैदूराम कश्यप को 12529 वोटों से हराया था। साल 2018 में भी दीपक ने भाजपा के लच्छूराम कश्यप को 17770 वोटों से परास्त किया था। लोकसभा चुनाव 2019 में भी दीपक ने भाजपा के बैदूराम कश्यप को 38982 वोटों से हराया था। दीपक के सांसद बनने के बाद विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने राजमन बेंजाम को उतारा था, जबकि भाजपा से लच्छूराम कश्यप ने चुनाव लड़ा, जिसमें राजमन ने 17862 वोटों से जीत हासिल की थी।
यहां ये बताना लाजिमी है कि कांग्रेस के दीपक और भाजपा के विनायक के अलावा चित्रकोट सीट से आम आदमी पार्टी से बोमड़ा मंडावी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी से भरत कश्यप, बहुजन समाज पार्टी से सन्नू पोयाम, सर्व आदि दल से रामलाल पोड़ियाम और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी से रामूराम मौर्य चुनावी मैदान में हैं।
2013 से अब तक लगातार भाजपा के प्रत्याशियों को मिली हार के बाद पार्टी ने नए चेहरे पर दांव खेलना बेहतद समझा। हालांकि विनायक भी टिकट के दावेदारों में शामिल थे, लेकिन उन्हें इस बात की उम्मीद ही नहीं थी कि उन्हें टिकट मिल जाएगी। चित्रकोट सीट पर हाईप्रोफाइल मुकाबले के बीच जनता 7 नवंबर को मतदान करेगी, लेकिन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 3 दिसंबर को होगा।
संवाद सूत्र: ऋषि भटनागर, जगदलपुर/छत्तीसगढ़












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