Pahlaj Nihalani के अंतिम संस्कार पर फूट फूटकर रोने लगे Govinda, हुआ ऐसा हाल तो लोगों ने संभाला, फिर जो हुआ
Govinda On Pahlaj Nihalani: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। गत 4 जून 2026 (गुरुवार) को 76 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अंतिम संस्कार में फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुई थीं लेकिन सबसे ज्यादा भावुक नजर आए एक्टर गोविंदा, जिनके करियर की शुरुआत में पहलाज निहलानी का बेहद अहम योगदान रहा था।
पहलाज निहलानी के अंतिम संस्कार पर रोने लगे गोविंदा
अंतिम संस्कार के दौरान गोविंदा की आंखें नम दिखाई दीं। वह बार बार रोने लग रहे थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने पुराने दिनों को याद किया और बताया कि किस तरह पहलाज निहलानी ने उनके संघर्ष भरे जीवन को बदल दिया था।

'हम जैसे कलाकारों को जमीन से आसमान तक पहुंचाया'
-गोविंदा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पहलाज निहलानी सिर्फ एक निर्माता नहीं थे बल्कि कई कलाकारों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत थे। उन्होंने कहा कि उनके जैसे कई कलाकार, जो आर्थिक तंगी और संघर्ष के दौर से निकलकर इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना सके, उसमें पहलाज निहलानी का बड़ा योगदान रहा।
-गोविंदा ने रोते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे दर्जनों कलाकार मौजूद हैं, जिनकी सफलता के पीछे कहीं न कहीं पहलाज निहलानी का हाथ रहा है। उन्होंने उन्हें अपनी जिंदगी की नींव का पत्थर बताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
'इल्जाम' से शुरू हुई थी गोविंदा की स्टारडम वाली यात्रा
-जानकारी के अनुसार गोविंदा के फिल्मी सफर की शुरुआत साल 1986 में रिलीज हुई फिल्म 'इल्जाम' से हुई थी। इस फिल्म को पहलाज निहलानी ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म की सफलता ने गोविंदा को रातों-रात स्टार बना दिया और इसके बाद उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई थी।
-कहा जाता है कि पहली फिल्म हिट होने के बाद गोविंदा ने एक साथ 49 फिल्मों पर साइनकर दिए थे। उस दौर में उनकी पॉपुलैरिटी इतनी बढ़ गई थी कि एक प्रतिष्ठित फिल्म मैगजीन ने उन्हें सोने के अंडे देने वाली मुर्गी तक कह दिया था।
पहलाज निहलानी को नहीं पसंद आया था गोविंदा का चेहरा
-दिलचस्प बात ये है कि गोविंदा को लॉन्च करने वाले पहलाज निहलानी शुरुआत में उनके लुक्स से खास प्रभावित नहीं थे। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि पहली बार तस्वीरें देखने पर उन्हें गोविंदा का चेहरा पसंद नहीं आया था।
-हालांकि जब पहलाज निहलानी ने गोविंदा की डांस और एक्शन से जुड़ी वीडियोज देखी तो उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। निहलानी ने माना था कि गोविंदा का टैलेंट असाधारण था और उन्होंने सिर्फ उनकी प्रतिभा को देखकर उन्हें अपनी फिल्म में मौका दिया। बाद में यही फैसला हिंदी सिनेमा के सबसे सफल सहयोगों में से एक साबित हुआ था।
मुश्किल दौर में भी नहीं छोड़ा साथ
-गोविंदा और पहलाज निहलानी की जोड़ी ने आगे चलकर कई सुपरहिट फिल्में दीं। पहलाज निहलानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब भी गोविंदा के करियर में ठहराव आया, उन्होंने उन्हें नए मौके दिए।
-पहलाज निहलानी ने पहले 'शोला और शबनम' में गोविंदा को कॉमिक अंदाज में पेश किया था, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया था। इसके बाद 'आंखें' जैसी फिल्म ने गोविंदा की छवि को पूरी तरह बदल दिया और उन्हें कॉमेडी के नए सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया। पहलाज निहलानी का मानना था कि गोविंदा जैसा बहुमुखी कलाकार इंडस्ट्री में बेहद दुर्लभ है।
लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे पहलाज निहलानी
-मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पहलाज निहलानी पिछले कुछ समय से लिवर संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थे। वहीं फिल्म वर्कर्स संगठन FWICE के अध्यक्ष ने जानकारी दी थी कि उनका निधन हार्ट अटैक के कारण हुआ। इलाज के लिए उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
-पहलाज निहलानी अपने पीछे पत्नी नीता निहलानी और तीन बेटों का परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा का एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया, जिसने कई सितारों को चमकने का अवसर दिया।
पहलाज निहलानी को मार्गदर्शक के रूप में भी याद किया जाएगा
पहलाज निहलानी का नाम हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में केवल एक निर्माता के तौर पर नहीं बल्कि नए कलाकारों को अवसर देने वाले मार्गदर्शक के रूप में भी याद किया जाएगा। गोविंदा की भावुक श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि पहलाज निहलानी ने न सिर्फ फिल्में बनाईं बल्कि कई सपनों को भी साकार किया। उनके जाने से बॉलीवुड ने एक ऐसा शख्स खो दिया है, जिसकी विरासत आने वाले वर्षों तक याद की जाएगी।













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