RBI Governor PC Highlights: 'Repo Rate में बदलाव नहीं', संजय मल्होत्रा ने क्यों कहा-कर लेंगे झटकों का सामना?
RBI Governor PC Highlights: शुक्रवार सुबह RBI ने मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग के बाद बड़ा ऐलान करते हुए रेपो रेट 5.25 पर बरकरार रखा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सुबह 10 बजे MPC मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी और कहा कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे।'
जिसके बाद केंद्रीय बैंक के इस निर्णय से होम लोन, कार लोन और अन्य प्रकार के फ्लोटिंग रेट लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहकों को राहत मिली है, क्योंकि उनकी मासिक किस्त (EMI) पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि 'भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में पहले के ऐसे ही दौरों की तुलना में कहीं बेहतर बुनियादी हालात के साथ प्रवेश किया है। हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे। पिछले कुछ महीनों में, ग्लोबल अर्थव्यवस्था में काफी अनिश्चितता रही है, अहम व्यापारिक रास्तों और सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं।'
'हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे'
'बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है और कारोबारियों का नज़रिया सतर्क रहा है। मैं सबसे पहले इस बात पर ज़ोर देना चाहता हूं कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में पहले के ऐसे ही दौरों की तुलना में कहीं बेहतर बुनियादी हालात के साथ प्रवेश किया है। हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे।'
'CPI महंगाई टारगेट से नीचे बनी हुई है'
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि 'ग्लोबल झटकों के बावजूद CPI महंगाई टारगेट से नीचे बनी हुई है क्योंकि घरेलू कीमतों पर इसका असर सीमित रहा है। हालांकि, बेसलाइन अनुमान बताते हैं कि इस साल की तीसरी तिमाही (Q3) में हेडलाइन महंगाई ऊपरी टॉलरेंस लेवल की ओर बढ़ सकती है। सप्लाई शॉक का असर चौथी तिमाही (Q4) से कम होने की उम्मीद है। इस समय महंगाई का बुनियादी दबाव कम बना हुआ है।हालांकि, उम्मीदों और वेतन पर 'सेकंड राउंड इफेक्ट्स' के ज़रिए महंगाई के व्यापक होने की संभावना है, जिस पर कड़ी नज़र रखने की ज़रूरत है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य से कम रहने के अनुमान और अल-नीनो के जोखिमों के कारण भी हालात अनिश्चित बने हुए हैं।'
क्या होता है रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब रेपो रेट बढ़ती है तो बैंकों के लिए धन जुटाना महंगा हो जाता है, जिसका असर ग्राहकों की लोन ब्याज दरों और EMI पर पड़ता है। वहीं, रेपो रेट स्थिर रहने से ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना कम हो जाती है।
EMI पर क्या होगा असर?
RBI के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनके होम लोन, वाहन लोन या अन्य कर्ज फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़े हुए हैं। रेपो रेट में बदलाव नहीं होने के कारण बैंकों के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दबाव नहीं रहेगा। ऐसे में मौजूदा EMI यथावत रहने की संभावना है।
कौन हैं RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ?
14 फरवरी 1968 को जन्मे संजय मल्होत्रा IAS अधिकारी हैं, जो 11 दिसंबर 2024 से भारतीय रिज़र्व बैंक के वर्तमान और 26वें गवर्नर के रूप में कार्यरत हैं।वे 1990 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं और अपने करियर के दौरान विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं।
राजस्थान के बीकानेर में हुआ था संजय मल्होत्रा का जन्म
संजय मल्होत्रा का जन्म राजस्थान के बीकानेर में हुआ था और उन्होंने बीकानेर के केंद्रीय विद्यालय से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से कंप्यूटर विज्ञान में प्रौद्योगिकी स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने प्रिंसटन विश्वविद्यालय, संयुक्त राज्य अमेरिका से सार्वजनिक नीति में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उनके पिता बीएसएफ अधिकारी थे।
साल 2000 से शुरू हुआ करियर
संजय मल्होत्रा का करियर 2000 में शुरू हुआ, जब उन्हें एक केंद्रीय मंत्री का निजी सचिव नियुक्त किया गया। निजी सचिव के तौर पर नियुक्ति से पहले, उन्होंने राजस्थान के कई विभागों में काम किया। 2003 से 2020 तक, मल्होत्रा ने राजस्थान सरकार के खान और खनिज, सूचना और प्रसारण, वित्त, ऊर्जा और वाणिज्यिक कर विभागों में काम किया, साल 2003 और 2020 के बीच, एक अंतरराष्ट्रीय पोस्टिंग के दौरान, मल्होत्रा संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर थे, जहां वे उप सचिव के पद पर थे। साल 2000 से 2003 तक, मल्होत्रा अंतरिक्ष राज्य मंत्री और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री के निजी सचिव रहे। 2020 में, उन्हें विद्युत मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया और उन्होंने ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया।
11 दिसंबर 2024 को संजय मल्होत्रा बने RBI गवर्नर
फरवरी 2022 में, उन्हें वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा सचिव नियुक्त किया गया और इस पद पर रहते हुए उन्होंने लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च किया। साथ ही, वे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के बोर्ड के सदस्य भी रहे। मल्होत्रा को दिसंबर 2022 में राजस्व सचिव नियुक्त किया गया और इस पद पर रहते हुए उन्होंने आयकर की एक नई व्यवस्था लागू की। 11 दिसंबर 2024 को मल्होत्रा को RBI का गवर्नर नियुक्त किया गया।














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