अन्नामलाई ने BJP से दिया इस्तीफा: काम नहीं आया का अमित शाह का मान-मनौव्वल, अब क्या है सिंघम का अगला प्लान?
K Annamalai Resignation: दक्षिण भारत की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का बड़ा चेहरा रहे के. अन्नामलाई ने आखिरकार पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कई दिनों से चल रही सियासी बयानबाजी और अटकलों पर विराम लगाते हुए बीजेपी आलाकमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने आधिकारिक तौर पर अन्नामलाई के इस्तीफे को मंजूरी दी है।
बीजेपी मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह के दस्तखत के साथ जारी प्रेस रिलीज में साफ कर दिया गया है कि अन्नामलाई अब बीजेपी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं रहे। चौंकाने वाली बात यह है कि गृह मंत्री अमित शाह और संगठन के बड़े नेताओं ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन अन्नामलाई अपने फैसले पर अड़े रहे। आइए समझते हैं कि आखिर 'सिंघम' के नाम से मशहूर अन्नामलाई ने यह कदम क्यों उठाया और अब उनका अगला सियासी दांव क्या होने वाला है।

अमित शाह का 'मान-मनौव्वल' फेल, फैसले पर अड़े रहे अन्नामलाई
के. अन्नामलाई ने अपना इस्तीफा सौंपने से पहले दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकें की थीं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने उन्हें मनाने और पार्टी में बने रहने के लिए काफी समझाया था।
पार्टी के बड़े नेता चाहते थे कि अन्नामलाई तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने का काम जारी रखें। लेकिन तमाम कोशिशों और मान-मनौव्वल के बाद भी अन्नामलाई का दिल नहीं पिघला और वह पार्टी छोड़ने के अपने फैसले पर डटे रहे। खबर है कि इस बड़े फैसले के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे मुलाकात के लिए वक्त दिया है।
तमिलनाडु में BJP-RSS का 'प्लान B'?
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने के. अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में भाजपा और आरएसएस एक नई राजनीतिक रणनीति पर काम कर रहे हैं और राज्य में एक नया राजनीतिक मोर्चा तैयार किया जा सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मणिक्कम टैगोर ने कहा कि अन्नामलाई के इस्तीफे और प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी के बीच भाजपा और आरएसएस कोई वैकल्पिक राजनीतिक योजना तैयार करते दिख रहे हैं। उनके मुताबिक जो ताकतें अब तक पारंपरिक राजनीतिक रास्तों से अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाईं, वे अब नया रास्ता अपनाने की कोशिश कर रही हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पहले मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जाएगी और बाद में उनसे समर्थन मांगा जाएगा। उन्होंने तमिलनाडु की जनता को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि राज्य के लिए भाजपा-आरएसएस का "प्लान बी" तैयार है और इसके पीछे आरएसएस की भूमिका है। टैगोर ने लोगों से इस राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की अपील की।
IPS से पार्टी अध्यक्ष तक का सफर, चुनावी हार बनी वजह? (Annamalai Journey)
साल 2011 बैच के कर्नाटक कैडर के पूर्व आईपीएस (IPS) अधिकारी के. अन्नामलाई की छवि एक बेहद कड़क और ईमानदार पुलिसवाले की रही है। उडुपी और बेंगलुरु जैसे इलाकों में सिंघम की तरह काम करने के बाद उन्होंने मई 2019 में पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी।
- राजनीति में एंट्री: अगस्त 2020 में अन्नामलाई ने देश की सेवा के मकसद से बीजेपी का दामन थामा। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी ने 16 जुलाई 2021 को उन्हें तमिलनाडु का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया।
- चुनावी झटके: अन्नामलाई ने साल 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अरावकुरुची सीट से भाग्य आजमाया, लेकिन वह हार गए। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर सीट से भी उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी।
- अध्यक्ष पद से विदाई: लगातार चुनावी असफलताओं के बीच 11 अप्रैल 2025 को बीजेपी ने उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु का नया अध्यक्ष बना दिया। इसके बाद से अन्नामलाई खुद को पार्टी का एक 'साधारण कार्यकर्ता' कहने लगे थे और अंदर ही अंदर उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही थी।
अब क्या करेंगे 'अन्नामलाई'? नई पार्टी बनाने की तैयारी तेज
बीजेपी से पूरी तरह नाता तोड़ने के बाद अब हर किसी के मन में यही सवाल है कि अन्नामलाई का अगला कदम क्या होगा? सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, अन्नामलाई बहुत जल्द तमिलनाडु की जमीन पर एक नए राजनीतिक आंदोलन (Movement) की शुरुआत करने जा रहे हैं।
उनकी योजना इस आंदोलन को धीरे-धीरे एक नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी (Regional Party) में बदलने की है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग और एमबीए (MBA) की पढ़ाई कर चुके अन्नामलाई का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति में दोनों बड़े क्षेत्रीय दलों (DMK और AIADMK) के सामने एक मजबूत और साफ-सुथरा विकल्प पेश करने की जरूरत है। अन्नामलाई बहुत जल्द एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी इस नई राजनीतिक पारी और भविष्य के एजेंडे का अधिकारिक एलान कर सकते हैं।














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