ईडी की जांच और चावल घोटाले पर BJP आक्रामक, CM भूपेश ने बताया मनगढ़ंत आरोप
Chhattisgarh ED: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान ईडी की छापे बड़ा मुद्दा बन गए हैं। भाजपा ने ईडी के प्रेस को आधार बनाकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है कि छत्तीसगढ़ में चावल घोटाला कांग्रेसी सरकार के संरक्षण में हो रहा है। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीटर पर लिखा कि ईडी ने एक बार फिर मनगढ़ंत आरोप लगाकर भाजपा को एक चुनावी मुद्दा दिया है।

सीएम भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि कस्टम मिलिंग के चार्ज तो वर्ष 2022-23 से ही बढ़ाए गए हैं यानी अभी एक ही साल का भुगतान हुआ है, तो चार साल के घोटालों का हिसाब कहां से आ गया?ईडी ने 10-12 राइस मिलरों से बयान लेकर अनुमान लगा लिया है, अगर एजेंसी 2,200 मिलरों के बयान दर्ज कर ले फिर किसी आंकड़े की बात करे. सरकार को बदनाम करने के लिए आंकड़े जारी न करे।
उन्होंने आगे लिखा कि रमन सिंह जब प्रदेश के मुखिया थे तो हर साल किसानों से खरीदे गए 60-70 लाख टन धान की मिलिंग भी नहीं हो पाती थी. सुखत, चोरी, ब्याज़, संग्रहण केंद्रों के रखरखाव और धान के ख़राब होने से हर साल सैकड़ों करोड़ का नुक़सान होता था, वे जनता को यह नहीं बताएंगे कि कस्टम मिलिंग की नई प्रणाली शुरु होने के बाद 97 लाख टन धान का उठाव बरसात से पहले ही हो गया और राज्य की 2000 करोड़ रुपयों की बचत हुई है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि ईडी झूठे आंकड़े इसीलिए जारी कर रही है जिससे कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए भाजपा को हथियार मिल सके। पर ये पब्लिक है डॉक्टर साहब! ये सब जानती है. वो देख रही है कि कैसे भाजपा ईडी, आईटी और सीबीआई जैसी एजेंसियों की सहायता से चुनाव लड़ना चाहती है।
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ईडी ने एक बार फिर मनगढ़ंत आरोप लगाकर भाजपा को एक चुनावी मुद्दा दिया है. अमित शाह के इशारे पर अबकी बार वे चावल घोटाले की बात कर रहे हैं.
रमन सिंह 15 साल मुख्यमंत्री रहे हैं. पर उनके बयान से ज़ाहिर है कि उन्हें कामकाज का अंदाज़ा अभी भी नहीं हुआ है.
कस्टम मिलिंग के चार्ज तो वर्ष…
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) October 24, 2023












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