Tamil Nadu में Vijay के सपोर्ट में सड़क पर कांग्रेस, पुलिस हिरासत में TVK समर्थक
Tamil Nadu Government Formation Update: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक जमीन हिला दी है, जहां अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। लेकिन, सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा विजय को सरकार बनाने का न्योता न देना अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। केंद्र की भाजपा सरकार और राजभवन के इस रुख के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है और आज पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
चेन्नई के लोक भवन के बाहर TVK समर्थक ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे वहां से हटा दिया। समर्थक तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था।

TVK समर्थकों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, इसके बावजूद TVK प्रमुख विजय को अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) ने राज्यपाल के इस कदम को लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नीत केंद्र सरकार के इशारे पर राज्यपाल जानबूझकर टीवीके (TVK) प्रमुख विजय को सत्ता से दूर रख रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागाई ने कड़े शब्दों में कहा कि यह जनता के जनादेश का अपमान है और राज्यपाल संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं।
'बैकडोर पॉलिटिक्स' का लगा गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राजभवन में 'पर्दे के पीछे का खेल' चल रहा है। उनके अनुसार, भाजपा और राज्यपाल मिलकर TVK को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल को 'कठपुतली' बताते हुए कहा कि राज्य में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि जनता ने पारंपरिक राजनीति को नकारते हुए विजय की पार्टी को 108 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनाया है।
क्या है सरकार बनाने का गणित
दरअसल, 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, जबकि विजय की पार्टी 108 सीटों के साथ सबसे आगे है। कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को अपना समर्थन दे दिया है, जिससे गठबंधन बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच रहा है। हालांकि, राजभवन के सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल किसी को भी आमंत्रित करने से पहले संख्या बल का ठोस सबूत चाहते हैं। इसी खींचतान के बीच पूरे तमिलनाडु में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
आज पूरे तमिलनाडु में होगा विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस ने आज यानी शुक्रवार सुबह से ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जुटने के निर्देश दिए गए हैं। चेन्नई में लोक भवन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और न्यूज एजेंसी ANI से मिले विजुअल्स बता रहे हैं कि राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राज्यपाल संवैधानिक परंपराओं का पालन करते हुए विजय को बहुमत साबित करने का मौका देंगे या तमिलनाडु की सियासत कोई नया मोड़ लेगी।
बहुमत के आंकड़े पर राज्यपाल ने क्या कहा?
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कल यानि 8 मई को 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के अध्यक्ष तिरु सी. जोसेफ विजय को चेन्नई स्थित लोक भवन (राजभवन) में आमंत्रित किया। बैठक के दौरान, राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन अभी तक स्थापित नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा में सरकार गठन के लिए जो अनिवार्य संख्या बल होना चाहिए, वह वर्तमान में साबित नहीं हुआ है।
विधानसभा की मौजूदा स्थिति (सीटों का गणित):
- TVK (विजय): 108 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
- DMK: 59 सीटें
- AIADMK: 47 सीटें
- कांग्रेस: 05 सीटें
- PMK: 04 सीटें
- Left (CPI+M): 04 सीटें
- अन्य (BJP, IUML, DMDK, AMMK व अन्य): 07 सीटें
- बहुमत का आंकड़ा: 118 सीटें















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