भानुप्रतापपुर उपचुनाव: पीसीसी चीफ मरकाम पहुंचे चुनाव आयोग, ब्रह्मानंद नेताम के बचाव में भाजपा पहुंची थाने
भानुप्रतापपुर उपचुनाव: पीसीसी चीफ मरकाम पहुंचे चुनाव आयोग, ब्रम्हानंद नेताम के बचाव में भाजपा पहुंची थाने
छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर उपचुनाव के लिए भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम की मुश्किलें बढ़ सकती है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने ब्रह्मानंद नेताम के नाम निर्देशन पत्र का रद्द करने के लिये कांकेर जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौपा है।

मरकाम पहुंचे निर्वाचन आयोग
मरकाम ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि भानुप्रतापपुर विधानसभा के उप-निर्वाचन में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम के द्वारा नाम-निर्देशन पत्र के साथ प्रस्तुत किये जाने वाले शपथ पत्र प्रारूप में लंबित आपराधिक मामले की उप कंडिका अपने विरूद्ध कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं होना बताया है। जबकि ब्रम्हानंद नेताम के विरूद्ध झारखंड के जमशेदपुर जिले में एक 15 साल की बच्ची के बलात्कार और देह व्यापार में धकेले जाने के मामले में सहआरोपी है। मोहन मरकाम ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि ब्रम्हानंद नेताम ने शपथ पत्र में अपने आपराधिक कृत्यों को छुपा कर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है जो कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 33 की अपेक्षायें पूरी नहीं की गई है। इसलिए भाजपा प्रत्याशी नेताम का नामांकन अस्वीकृत किया जाना चाहिए।

मरकाम के खिलाफ भाजपा पहुंची थाने
इधर भाजपा ने भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम पर जवाबी पलटवार किया है। ब्रह्मानंद नेताम के ऊपर लगाए गए आरोपों के खिलाफ भाजपा ने कांकेर जिले के सभी थानों में कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की। भाजपा ने अपनी शिकायत में कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पीड़िता बच्ची की सरेआम पहचान उजागर की है जो पॉक्सो एक्ट की धारा 23 (2) के तहत अपराध है।

भाजपा ने किया आरोपों को ख़ारिज
इधर प्रदेश भाजपा ने भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशी पर लगाए जा रहे संगीन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा ने इस मामले में पलटवार कर कहा कि पीडिता ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश जमशेदपुर के समक्ष 164 के तहत जो बयान दर्ज कराया है,उसमें प्रत्याशी का नाम का उल्लेख नहीं है। एफआईआर में भी प्रत्याशी का नाम नहीं है। मगर इस मामले में एक आरोपी द्वारा लगाए गए आरोप को आधार बनाकर कांग्रेस आरोप लगा रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने सोमवार को एक बयान जारी करके कहा कि झारखंड प्रदेश के पूर्वी सिंहभूमि जिले के थाना टेल्को में भादवि की धारा 366 ए, 376, 376 (3), 376 एबी, 376 डीबी, 120 बी और धारा 4, 6 पाक्सो एक्ट की धारा 4, 5, 6, 7, 9 अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम अपराध क्रमांक 84/2019 दर्ज है। इसमें केवल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह मामला तीन साल से अभी तक विवेचनाधीन है। इस मामले में अब तक कोर्ट में चार्टशीट तक दाखिल नहीं हुआ है। पीडिता ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जमशेदपुर के समक्ष 164 में जो बयान दिया है। उसमें भी भाजपा प्रत्याशी का नाम नहीं है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने बताया कि जो जानकारी मिली है,उसके मुताबिक इस मामले में एक आरोपी के बयान पर भाजपा प्रत्याशी का नाम जोड़ा गया है, मतलब साफ है कि यह एक तरह का साजिश है, इस साजिश का जल्द पर्दाफाश भी होगा।

यह है मामला
गौरतलब है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने रविवार को यह आरोप सबूतों के साथ मीडिया के सामने रखे थे । मोहन मरकाम ने कहा था कि 15 बरस की नाबालिग से गैंगरेप करके उसे देह व्यापार में धकेलने के आरोप में ब्रम्हानंद मंडावी पर झारखंड के जमशेदपुर जिले में मुकदमा दर्ज है। मरकाम ने एफआईआर की कॉपी भी मीडिया को दिखाते बताया कि यह घटना 2019 है,इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की थी, जिसके बाद जांच सामने आये आरोपियों में भाजपा प्रत्याशी भी शामिल हैं। मोहन मरकाम ने बताया कि ब्रह्मानंद नेताम के खिलाफ 15 मई 2019 को जमशेदपुर के थाना टेल्को में अपराध क्रमांक 84/2019 में पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।

सत्ता का सेमीफाइनल है भानुप्रतापपुर ,तभी इतनी तकरार
दरअसल छत्तीसगढ़ में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट पर रहे उपचुनाव को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। यह सीट कांग्रेस के पास थी,लेकिन अब भाजपा इसे हासिल करने में मेहनत कर रही है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति काफी मंथन के बाद भानुप्रतापपुर से ब्रह्मानंद नेताम को टिकट दिया है। भानुप्रतापपुर चुनाव सभी सियासी दलों के लिए बेहद खास बनता जा रहा है। कांग्रेस चुनाव जीतकर यह जताना चाहेगी कि प्रदेश में 4 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी जनता का विश्व उसपर कायम है,तो वही भाजपा चाहेगी कि किसी भी तरह जीत हासिल की जाये,क्योंकि यह उसकी वापसी का संकेत होगा। बहरहाल इस चुनाव में कांग्रेस को दिवंगत विधायक मनोज मंडावी के नाम से सहानुभूति वोट जुटाने की कोशिश करेगी।

5 दिसंबर को होगा मतदान
गौरतलब है कि 16 अक्टूबर की छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक मनोज कुमार मंडावी की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद खाली पड़ी सीट पर बीते शनिवार को उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई थी। भानुप्रतापपुर की जनता अपना अगला विधायक चुनने के लिए 5 दिसम्बर को मतदान करेगी और 8 दिसम्बर को काउंटिग के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।
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