राजकीय सम्मान के साथ तमिलनाडु ने 'अम्मा' को कहा अलविदा
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की अंतिम यात्रा में लाखों लोग मौजूद रहे। राज्य ने नम आंखों से अपनी नेता को अलविदा कहा।
चेन्नई। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) की सुप्रीमो और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयरामन जयललिता का अंतिम संस्कार मंगलवार शाम चेन्नई स्थित मरीना बीच पर कर दिया गया। इस दौरान उनके लाखों समर्थक और तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।


प्रेस विज्ञप्ति में लिखा था
बता दें सोमवार (5 दिसंबर) की देर रात 11.30 बजे चेन्नई के अपोलो अस्पताल ने जयललिता के निधन की सूचना प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से दी। प्रेस विज्ञप्ति में लिखा गया था कि जयललिता को 22 सितंबर को भर्ती किया गया था, उन्हें पानी की कमी और को-मॉर्बिडिटीज की शिकायत थी। मुख्यमंत्री क्रिटिकल केयर यूनिट पर थीं और उनकी तबियत में सुधार हो रहा था।

किया जा रहा था हर संभव इलाज
लिखा गया था कि जयललिता को पाइप के जरिए खाना खिलाया जा रहा था, उनका हर वक्त बेहद करीबी से खयाल रखा जा रहा था और हर संभव विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज किया जा रहा था।

यह दुनिया की सर्वेश्रेष्ठ तकनीक
लिखा गया था कि दुर्भाग्य से 4 दिसंबर को जयललिता को बड़ा दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें तुरंत सीपीआर दी गई जिसके बाद उन्हें ईसीएमओ पर रखा गया। यह दुनिया के श्रेष्ठ तकनीक है जिसे जयललिता को दिया गया। लेकिन हमारी श्रेष्ठ कोशिशों के बाद भी जयललिता 11 बजकर 30 मिनट पर हमारे बीच नहीं रही। अपोलो अस्पताल के सदस्य और तमाम लोग जयललिता की मृत्यु से दुखी हैं।

दिलवाई गई पद और गोपनीयता का शपथ
इस सूचना के तुरंत बाद राज्य में 7 दिन का शोक घोषित कर दिया गया। साथ ही रात करीब डेढ़ बजे अब तक जयललिता की जगह मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाल रहे ओ पन्नीरसेल्वम और उनकी कैबिनेट को राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई।

दर्शन के लिए राजाजी हॉल में रखा गया पार्थिव शरीर
फिर जयललिता का पार्थिव शरीर चेन्नई के ही राजाजी हॉल के प्रांगण में सभी के लिए दर्शन के लिए रखा गया। जहां पंक्तिबद्ध हो कर तमिलनाडु की जनता ने अपनी नेता के अंतिम दर्शन किए। इस दौरान अपने मुख्यमंत्री और 'अम्मा' के आखिरी बार दर्शन करने के लिए राजा जी हॉल में मौजूद भीड़ पुलिस की लाठियों से भी गुरेज नहीं कर रही थी, वहीं जयललिता को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए सारी दलीय प्रतिबद्धताएं टूट गईं।

कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू,कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) नेता एम.के. स्टालिन सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शाम करीब 4.20 पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी चेन्नई पहुंचे और जयललिता को श्रद्धांजलि दी।

इन राज्यों ने की शोक की घोषणा
जयललिता के निधन के बाद केंद्र सरकार ने 1 दिन के शोक की घोषणा की गई। साथ ही लोकसभा और राज्य सभा की कार्यवाही शोकसभा के बाद स्थगित कर दी गई। शोक की घोषणा के पश्चात सभी राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों पर राष्ट्र ध्वज आधा झुका दिया गया। जयललिता के निधन पर उत्तराखंड, कर्नाटक और बिहार में एक दिन का राजकीय शोक की घोषणा की गई।

मरीना बीच ले जाया गया पार्थिव शरीर
राष्ट्रपति मुखर्जी के श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद जयललिता के पार्थिव शरीर को पास ही स्थित मरीना बीच ले जाया गया, जहां लाखों की संख्या में समर्थकों का हूजूम बिना कुछ खाये-पीये अपनी 'अम्मा' के आखिरी दर्शन के लिए मौजूद था।
अंतिम संस्कार की रस्म उनकी दोस्त शशिकला नटराजन और शशिकला के भतीजे ने पूरी की।

ताबूत पर डाले फूल और नमक
इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ जयललिता का पार्थिव शरीर, चंदन की लकड़ी के ताबूत में रखकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया समाप्त की गई। फिर वहां मौजूद लोगों ने ताबूत पर फूल और नमक डाले।

चिल्ला उठे लोग
जैसे ही जयललिता का ताबूत बेल्ट के सहारे जमीन में समाने लगा मरीना बीच पर मौजूद उनके समर्थक चिल्ला उठे। यूं तो देर रात सूचना आने के बाद से ही हर ओर से चीख पुकार की आवाज रह रह आ रही थी, लेकिन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया खत्म होने को थी, तब मरीना बीच की फिजा करुण पुकारों से भर गई।












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