Chandigarh: चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा, अंबेडकर के अपमान पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में हाथापाई

Chandigarh: चंडीगढ़ नगर निगम की हालिया आम सभा की बैठक राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा बन गई। जब कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक से शुरू हुआ विवाद शारीरिक झड़प में बदल गया। विवाद का केंद्र गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डॉ. बीआर अंबेडकर का कथित अपमान करने के आरोप थे। जिसे लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने विरोध दर्ज किया।

Recommended Video

    चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा, अंबेडकर के अपमान पर कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में हाथापाई

    डॉ. अंबेडकर पर शाह की टिप्पणी पर विवाद

    यह विवाद संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में बहस के दौरान शाह की कथित टिप्पणियों को लेकर भड़का। कांग्रेस और AAP के पार्षदों ने एक प्रस्ताव पारित कर इन टिप्पणियों की निंदा की और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके जवाब में भाजपा ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत को कमजोर करने का आरोप लगाया। विशेष रूप से भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल का हवाला देते हुए।

    chandigarh

    कैमरे में कैद हुई शारीरिक झड़प

    बैठक के दौरान माहौल गर्मा गया और तीखी बहस शारीरिक झड़प में बदल गई। पार्षदों के बीच हाथापाई कैमरे में कैद हो गई। जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह विवाद केवल विचारधारा तक सीमित नहीं था। भाजपा के एक मनोनीत पार्षद अनिल मसीह ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। जिसमें उनके जमानत पर होने का जिक्र किया गया। यह टिप्पणी बैठक में और उग्रता का कारण बनी।

    अंबेडकर की विरासत बना समकालीन राजनीति का केंद्र

    डॉ. अंबेडकर की विरासत इस विवाद का केंद्र बनी। भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता के रूप में उनकी भूमिका और योगदान ने उन्हें भारतीय राजनीति में एक स्थायी प्रतीक बना दिया है। उनकी छवि को लेकर किसी भी विवाद पर राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया अक्सर देखने को मिलती है।

    चंडीगढ़ की इस घटना ने नगर निगम जैसे स्थानीय मंचों पर भी राष्ट्रीय राजनीति की गूंज को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। यह प्रकरण इस बात की याद दिलाता है कि ऐतिहासिक हस्तियों का संदर्भ समकालीन राजनीतिक विमर्श को कितना प्रभावित करता है।

    राजनीतिक संवाद की आवश्यकता पर बल

    चंडीगढ़ नगर निगम की यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं है। यह भारत के राजनीतिक माहौल में मौजूद गहरे मतभेदों और संवादहीनता की एक झलक है। डॉ. अंबेडकर जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर राजनीतिक दलों का विवाद यह स्पष्ट करता है कि ऐसे मुद्दों पर संतुलित और सम्मानजनक संवाद की कितनी आवश्यकता है।

    इस प्रकरण ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक मंचों पर व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और शारीरिक झड़पें लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही हैं। चंडीगढ़ की यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक के रूप में देखी जा सकती है। जो संवाद और सहमति की दिशा में नए प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देती है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+