पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह को सुलझाने के लिए आज कांग्रेस कमेटी से मुलाकात करेंगे नवजोत सिंह सिद्धू
पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच बढ़ते मतभेदों को हल करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गठित तीन सदस्यीय पैनल के बीच आज दूसरे चरण की बातचीत होगी।
चंडीगढ़, 1 जून। पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच बढ़ते मतभेदों को हल करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गठित तीन सदस्यीय पैनल के बीच पहले दौर की बातचीत के बाद, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के मंगलवार सुबह 11:30 बजे दूसरे चरण की बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। समिति ने मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू सहित 25 विधायकों को इस मुद्दे पर बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया है।
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बता दें कि सोमवार को भी सीएम अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए दिल्ली स्थित पार्टी के वार रूम में 25 विधायकों की बैठक हुई थी। बता दें कि अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। नेताओं के बीच आपसी विवाद का चुनावों पर कोई असर न हो इसके मद्देनजर पार्टी जल्द से जल्द इस कलह को खत्म करना चाहती है।
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नेताओं के बीच कोई मतभेद नहीं- समिति
हालांकि समिति ने पार्टी में चल रहे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि पार्टी के अंदर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है, कुछ छोटे-मोटे मुद्दे हैं जिन्हें सुलझा लिया जाएगा। समिति के सदस्य जेपी अग्रवाल ने कहा, 'आज (सोमवार) हमने 25 विधायकों के साथ बातचीत की। उनके बीच कोई मतभेद नहीं हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व को लेकर भी कोई चर्चा नहीं हुई। कुछ छोटे-मोटे मुद्दे हैं जिन्हें सुलझा लिया जाएगा। हम अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। कल नवजोत सिंह सिद्धू भी आएंगे।'
सोनिया गांधी ने गठित की समिति
मालूम हो कि पार्टी की पंजाब इकाई में चल रही कलह को सुलझाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया था, जिसमें हरीश रावत, मल्लिकार्जुन खड़गे और जय प्रकाश अग्रवाल शामिल हैं।
किस मामले पर है विवाद
बता दें कि साल 2015 में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना के बाद फरीदकोट के कोटकपुरा में धरने पर बैठे लोगों पर हुई गोलीबारी की जांच को लेकर पंजाब सरकार ने एसआईटी बनाई थी। पिछले महीने हाईकोर्ट ने इस एसआईटी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था, जिसको लेकर कांग्रेस में काफी विवाद हुआ था। वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने इसको लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोलते हुए उन्हें अयोग्य गृह मंत्री करार दे दिया था। इसी बात को लेकर पार्टी में कलह चल रही है। पार्टी दो धड़ों में बंट चुकी है, जिसमें से एक धड़ा कैप्टन सिंह के साथ और दूसरा धड़ा सिद्धू के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
बता दें कि साल 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले सिद्धू ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया था।पार्टी के बीच विवाद का असर आगामी चुनावों पर न हो इसके लिए समिति जल्द से जल्द इस विवाद को सुलझाना चाहती है।
अंतिम फैसला लेंगी सोनिया गांधी
दरअसल जिस समिति को इस विवाद को हल करने का जिम्मा दिया गया है उसके पास कोई निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। समिति अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगी, जिसके आधार पर सोनिया गांधी अपना फैसला लेंगी।












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